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April 17 2026 09:31 pm

यूपी में कुदरत का डबल अटैक पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ा मौसम, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी की दस्तक के बीच मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 4 अप्रैल और 5 अप्रैल को मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे पारा गिरने की संभावना है।

पश्चिमी यूपी में 'ओलों' की मार, खेतों में खड़ी फसलों पर संकट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते आए इस विक्षोभ का सीधा असर सहारनपुर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे जिलों में दिखने लगा है। शनिवार शाम से ही इन इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश और ओले गिरने की खबरें आ रही हैं। किसानों के लिए यह मौसम किसी आफत से कम नहीं है, क्योंकि गेहूं और सरसों की कटाई का समय चल रहा है। अचानक हुई ओलावृष्टि से तैयार फसलों के झड़ने और भीगने का डर बढ़ गया है, जिससे अन्नदाता की साल भर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।

तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट, लू से मिली राहत

एक तरफ जहां यह बारिश किसानों के लिए चिंता लाई है, वहीं आम जनता को तपती धूप और उमस से बड़ी राहत मिली है। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे दिन के समय भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और 10 अप्रैल के बाद गर्मी एक बार फिर अपने तेवर दिखाएगी।

प्रशासन सतर्क: बिजली कटौती और जलभराव की चुनौती

खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी कमर कस ली है। तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के चलते पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की आशंका के कारण कई इलाकों में एहतियातन बिजली कटौती की जा रही है। शहर की नगर निगम टीमों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।