महाकुंभ में स्नान से चूक गए? निराश न हों, 2026 में 75 साल बाद बन रहा है वैसा ही 'महासंयोग', मिलेगा दोगुना पुण्य!

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अगर आप 2025 के महाकुंभ में संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने से चूक गए थे, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस बार प्रयागराज का माघ मेला 2026 एक ऐसे अनोखे और दुर्लभ आध्यात्मिक संयोग का गवाह बनने जा रहा है, जो ठीक 75 सालों के बाद बन रहा है। इस 'महासंयोग' के कारण 2026 का माघ मेला किसी महाकुंभ से कम नहीं होगा और यहां स्नान करने वालों को महाकुंभ जैसा ही पुण्य फल प्राप्त होगा।

क्या है यह 75 साल वाला अद्भुत संयोग?

हर साल प्रयागराज में माघ के महीने में माघ मेले का आयोजन होता है, जबकि 6 साल पर कुंभ और 12 साल पर महाकुंभ लगता है। लेकिन इस बार माघ मेले को जो चीज सबसे खास बना रही है, वो है ग्रहों का खेल।

ज्योतिषियों के मुताबिक, 75 साल बाद (यानी 76वें वर्ष में) ऐसा हो रहा है जब सूर्य देव अपने ही दिन, यानी रविवार को, मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में इस संयोग को अत्यंत शुभ और पुण्य फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि इस बार के माघ मेले में स्नान और दान का महत्व कई गुना बढ़ गया है, और संत समाज से लेकर सरकार तक, सभी इसे 'मिनी कुंभ' के रूप में देख रहे हैं।

'मिनी कुंभ' की तर्ज पर हो रही हैं भव्य तैयारियां

इस दुर्लभ संयोग को देखते हुए योगी सरकार भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। महाकुंभ के ठीक बाद हो रहे इस माघ मेले को 'मिनी कुंभ' के तौर पर आयोजित करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं:

  • बढ़ाया गया क्षेत्रफल: मेले का एरिया 750 हेक्टेयर से बढ़ाकर 800 हेक्टेयर कर दिया गया है।
  • ज्यादा सेक्टर और पुल: मेले में 6 की बजाय 7 सेक्टर बनाए जा रहे हैं और 6 की बजाय 7 पांटून ब्रिज (पीपे के पुल) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

इस बार मेले में थारू, घुमंतू और वनटांगिया समुदाय के लोगों के साथ-साथ विभिन्न संप्रदायों के संतों के भी बड़ी संख्या में आने की संभावना है।

44 दिनों तक चलेगा आस्था का मेला, ये हैं स्नान की प्रमुख तिथियां

संगम की पवित्र धरती पर यह आस्था का मेला पूरे 44 दिनों तक चलेगा। इसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व से होगी और समापन महाशिवरात्रि पर होगा।

  • मेला शुरू: 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा)
  • मेला समाप्त: 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि)

इस दौरान करीब 25 लाख श्रद्धालु कल्पवास का संकल्प लेकर संगम तट पर एक महीने तक तप और ध्यान करेंगे।

माघ मेला 2026 के कुल 6 प्रमुख स्नान पर्व:

स्नान पर्वतारीख
पौष पूर्णिमा (पहला स्नान)3 जनवरी 2026
मकर संक्रांति15 जनवरी 2026
मौनी अमावस्या (सबसे बड़ा स्नान)18 जनवरी 2026
बसंत पंचमी23 जनवरी 2026
माघी पूर्णिमा1 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान)15 फरवरी 2026

 

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