Donald Trump का भारत प्रेम 77वें गणतंत्र दिवस पर दिया दिल जीतने वाला संदेश, बोले हमारा बंधन ऐतिहासिक है
News India Live, Digital Desk: आज जब भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, तो जश्न सिर्फ देश की सीमा तक ही सीमित नहीं है। दुनियाभर के बड़े नेता, ख़ासकर वो नेता जिनकी भारत के साथ नज़दीकी रही है, उन्होंने भी इस अवसर पर बधाई भेजी है।
इसी कड़ी में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का एक संदेश आया है, जो बताता है कि भारत की अहमियत अब विश्व मंच पर कितनी बढ़ गई है। उनका यह बयान काफी ख़ास है, जिसके गहरे राजनैतिक मायने भी हैं।
क्या कहा डोनाल्ड ट्रंप ने? (दिल जीतने वाला बयान)
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय लोकतंत्र और देश को बधाई देते हुए जो सबसे बड़ी बात कही, वो यह है कि "संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक 'ऐतिहासिक बंधन' साझा करते हैं।"
- ट्रंप ने भारत के मजबूत होते लोकतंत्र की जमकर तारीफ की।
- उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय गणतंत्र के 77वें वर्षगांठ पर वो भारत और भारत के लोगों को ढेर सारी शुभकामनाएं भेजते हैं।
- उनका पूरा संदेश एक ही बात पर ज़ोर दे रहा था कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध न सिर्फ़ मजबू़त हैं, बल्कि बहुत खास भी हैं, जिन्हें आगे भी संजोए रखने की ज़रूरत है।
बधाई में छुपा है 'राजनैतिक दांव'?
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का मौसम चल रहा है और डोनाल्ड ट्रंप फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में भारत को इतने बड़े त्योहार पर सार्वजनिक रूप से बधाई देना केवल शिष्टाचार नहीं है, बल्कि एक सधा हुआ राजनीतिक दांव (Political Strategy) भी माना जा रहा है।
अमेरिका में लाखों भारतीय-अमेरिकी (Indian-Americans) रहते हैं जो वहां की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ट्रंप शायद यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारतीय मूल के मतदाता उनके पाले में रहें। इस संदेश के ज़रिए उन्होंने भारतीय समुदाय तक सीधे पहुँचने की कोशिश की है।
जब दोनों देशों में थी गर्माहट
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी केमिस्ट्री दुनिया ने देखी थी। चाहे वह "हाउडी मोदी" कार्यक्रम हो या "नमस्ते ट्रंप", दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती ने भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई ऊंचाई दी थी।
यह नया बयान बताता है कि सत्ता में वापसी के लिए ट्रंप अब भी उन मजबूत व्यक्तिगत और राजनैतिक संबंधों पर भरोसा कर रहे हैं जो उन्होंने भारत के साथ बनाए थे।