'नर्क में पहुंचा देंगे...' डोनाल्ड ट्रंप ने खोया आपा, ईरान को दी अब तक की सबसे खौफनाक धमकी; कहा- 48 घंटे में खोल दो होर्मुज स्ट्रेट!
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली और बेहद खौफनाक चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में ईरानी हुक्मरानों को 'पागल' करार देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि वे तुरंत 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को खोल दें। ऐसा न करने पर ट्रंप ने ईरान को सीधा 'नर्क में भेजने' और उसके पावर प्लांट्स को पूरी तरह से तबाह करने की खुली धमकी दी है, जिससे खाड़ी देशों सहित पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है।
मंगलवार को मनेगा 'पावर प्लांट और ब्रिज डे'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए बेहद सख्त और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यह अहम समुद्री रास्ता नहीं खोला गया तो हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाएंगे और ईरान को इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के लिए मंगलवार तक की डेडलाइन तय करते हुए अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर बात नहीं मानी गई, तो मंगलवार को ईरान में 'पावर प्लांट डे और ब्रिज डे' एक साथ मनाया जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ऐसा भयानक हमला होगा जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। उनका सीधा और स्पष्ट संदेश था- "होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दो! वरना तुम नर्क में रहोगे!"
खत्म हो रहा है समय, बचे हैं सिर्फ 48 घंटे
ट्रंप ने अपनी इस विनाशकारी चेतावनी को दोहराते हुए कहा कि ईरान के पास बचने के लिए अब सिर्फ 48 घंटे का ही वक्त बचा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि या तो ईरान तुरंत कोई ठोस समझौता करे या फिर होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी हटा ले। ट्रंप ने ईरानियों को याद दिलाया कि उन्होंने पहले भी नियम मानने के लिए 10 दिन की मोहलत दी थी, लेकिन अब वो समय तेजी से खत्म हो रहा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर इन 48 घंटों में ईरान नहीं झुका, तो इसके नतीजे बेहद गंभीर होंगे।
टल चुका है हमला, लेकिन मंडरा रहा है युद्ध का खतरा
आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच इस महाटकराव की शुरुआत 21 मार्च को ही हो गई थी जब ट्रंप ने पहली बार बिना शर्त होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया था। तब उन्होंने 48 घंटे में ईरान के सभी पावर प्लांट नष्ट करने की बात कही थी। हालांकि, दो दिन बाद उन्होंने खुद जानकारी दी कि ईरानी अधिकारियों के साथ 'अच्छी और सार्थक बातचीत' चल रही है, जिसके चलते संभावित हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया गया था। शांति की उम्मीद में इस समय सीमा को सोमवार रात 8 बजे तक बढ़ा दिया गया था, लेकिन अब ट्रंप के नए तेवरों ने फिर से युद्ध की घंटी बजा दी है।
स्टील्थ मिसाइलों की तैनाती और हवा में विमानों की जंग
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच जमीनी हालात और भी ज्यादा खौफनाक हो चुके हैं। एक तरफ जहां सीआईए (CIA) के सीक्रेट 'मास्टर प्लान' और अमेरिकी कमांडोज के एक नामुमकिन मिशन ने ईरानियों को गच्चा दे दिया है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने यह दावा करके सनसनी मचा दी है कि उसने लापता अमेरिकी पायलट को रेस्क्यू करने आए अमेरिका के C-130 एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। इस आग में घी डालने का काम अमेरिकी हथियारों की नई खेप ने किया है। अमेरिका ने 965 किलोमीटर रेंज वाली अपनी सबसे घातक 'JASSM-ER स्टील्थ मिसाइल' मोर्चे पर तैनात कर दी है। इन मिसाइलों के दम पर ही ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' (Stone Age) में पहुंचाने की हुंकार भरी है।