सिर्फ PF और FD के भरोसे न बैठें! रिटायरमेंट की ये 10 गलतियां आपको बहुत महंगी पड़ेंगी

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अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं, तो यकीन मानिए, आप अपने भविष्य के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। हम अपने बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने और गाड़ी खरीदने की प्लानिंग तो बड़े ज़ोर-शोर से करते हैं, लेकिन ज़िंदगी के सबसे अहम पड़ाव 'रिटायरमेंट' को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

आज हम आपको उन 10 आम गलतियों के बारे में बताएंगे, जो अक्सर लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय करते हैं। इन्हें आज ही जान लें और इनसे बचें, ताकि आपका बुढ़ापा किसी पर निर्भर न रहे, बल्कि सुकून और सम्मान के साथ बीते।

गलती 1: शुरुआत करने में बहुत देर कर देना
यह सबसे बड़ी और आम गलती है। लोग सोचते हैं, "अभी तो बहुत टाइम है"। लेकिन वे 'कंपाउंडिंग की ताकत' यानी समय के साथ पैसे के बढ़ने के जादू को भूल जाते हैं। जो इंसान 25 की उम्र में सिर्फ ₹5000 महीना बचाना शुरू करता है, वो 40 की उम्र में ₹15000 महीना बचाने वाले से भी ज़्यादा पैसा इकट्ठा कर लेता है। जितनी जल्दी शुरुआत, उतना बड़ा फ़ायदा।

गलती 2: सिर्फ PF और Gratuity के भरोसे रहना
बहुत से लोग सोचते हैं कि उनके PF और ग्रेच्युटी का पैसा रिटायरमेंट के लिए काफी होगा। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि समय के साथ महंगाई भी बढ़ती है। जो पैसा आज आपको बड़ा लग रहा है, वह 20 साल बाद शायद आपके मेडिकल खर्चों के लिए भी काफी न हो।

गलती 3: महंगाई को नज़रअंदाज़ करना
आज जो चीज़ 100 रुपये की है, 6% महंगाई की दर से 20 साल बाद वो 320 रुपये की हो जाएगी। अगर आपकी प्लानिंग में महंगाई का हिसाब-किताब नहीं है, तो आपकी सारी बचत बेकार हो सकती है। हमेशा अपनी बचत को महंगाई दर से ज़्यादा रिटर्न देने वाली जगहों पर निवेश करें।

गलती 4: बिना लक्ष्य के निवेश करना
"बस पैसा बचा रहा हूँ"। यह कोई प्लानिंग नहीं है। आपको यह पता होना चाहिए कि आपको 60 की उम्र में कितने पैसों की ज़रूरत होगी और उस लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आपको हर महीने कितना और कहाँ निवेश करना है।

गलती 5: हेल्थ इंश्योरेंस को ज़रूरी न समझना
बुढ़ापे में सबसे बड़ा खर्च बीमारियों पर होता है। अगर आपके पास एक अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो अस्पताल का एक बिल आपकी ज़िंदगी भर की बचत को खत्म कर सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस आपके रिटायरमेंट फंड का 'सुरक्षा कवच' है।

गलती 6: बहुत ज़्यादा सुरक्षित खेलना (सिर्फ FD/RD करना)
FD और RD सुरक्षित तो हैं, लेकिन महंगाई को मात देने वाला रिटर्न नहीं दे पाते। अपने निवेश में थोड़ा हिस्सा इक्विटी म्यूच्यूअल फंड (Equity Mutual Funds) जैसी जगहों पर भी लगाना ज़रूरी है, जो लंबे समय में आपको अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।

गलती 7: या फिर बहुत ज़्यादा रिस्क ले लेना
कुछ लोग जल्दी अमीर बनने के चक्कर में अपना सारा पैसा बहुत ज़्यादा जोखिम वाली जगहों पर लगा देते हैं, जैसे सीधे स्टॉक मार्केट में बिना जानकारी के निवेश करना। ऐसा करना भी खतरनाक है। अपने निवेश में सुरक्षा और ग्रोथ का संतुलन बनाए रखें।

गलती 8: अपने निवेश को समय-समय पर न देखना
एक बार पैसा लगाकर 'भूल जाना' भी एक गलती है। बाज़ार और आपकी ज़रूरतें बदलती रहती हैं। इसलिए, साल में कम से-कम एक बार अपनी इन्वेस्टमेंट की समीक्षा ज़रूर करें और ज़रूरत के हिसाब से उसमें बदलाव करें।

गलती 9: बहुत ज़्यादा कर्ज में डूबे रहना
आज के क्रेडिट कार्ड और EMI पर लिया गया कर्ज आपके भविष्य की बचत को खा जाता है। रिटायरमेंट की प्लानिंग करने से पहले, कोशिश करें कि आप अपने ऊपर से महंगे कर्ज (खासकर क्रेडिट कार्ड के बिल) का बोझ हटा दें।

गलती 10: नॉमिनी की जानकारी अपडेट न करना
आपने बड़ी मेहनत से पैसा बचाया, लेकिन अगर आपके निवेश में सही नॉमिनी का नाम ही नहीं है, तो आपके बाद आपके परिवार को उस पैसे के लिए बहुत भटकना पड़ सकता है। यह एक छोटा सा काम है, जिसे कभी न टालें।

आज का सबक:
रिटायरमेंट कोई उम्र नहीं है, जब आपको काम करने की ज़रूरत न हो, बल्कि आप अपनी मर्ज़ी से जिएं। आपका आज का छोटा सा कदम, आपके कल के सुकून की सबसे बड़ी गारंटी है।