Hanuman Janmotsav : पूजा में भूलकर भी न करें ये 6 भारी गलतियां, बजरंगबली हो सकते हैं नाराज जानें शुभ मुहूर्त
News India Live, Digital Desk: आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। संकटों को हरने वाले बजरंगबली की कृपा पाने के लिए आज भक्त व्रत और विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा के दौरान अनजाने में हुई एक छोटी सी चूक भी आपको पूजा के संपूर्ण फल से वंचित कर सकती है? जी हां, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की पूजा के कुछ विशेष नियम हैं, जिनकी अनदेखी करने पर बजरंगबली नाराज भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं आज पूजा का सही मुहूर्त क्या है और किन गलतियों से आपको हर हाल में बचना चाहिए।
हनुमान जयंती पर पूजा के 3 सबसे शुभ मुहूर्त आज के दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए तीन विशेष और फलदायी मुहूर्त बन रहे हैं। जो भक्त भोर में पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 38 मिनट से लेकर 5 बजकर 24 मिनट तक रहा। वहीं, सुबह की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 6 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 44 मिनट तक है। अगर आप शाम के समय भगवान की आरती और आराधना करना चाहते हैं, तो इसके लिए शाम 6 बजकर 39 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 6 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा।
बजरंगबली की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां
सूतक काल का रखें पूरा ध्यान सनातन धर्म के नियमों के अनुसार, यदि आपके घर में हाल ही में किसी बच्चे का जन्म हुआ है या किसी परिजन की मृत्यु हुई है, तो घर में सूतक काल माना जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना या पूजा-पाठ करना पूरी तरह से वर्जित है। ऐसे में आपको घर पर पूजा करने से बचना चाहिए।
कपड़ों के रंग में न हो कोई चूक किसी भी देवी-देवता की पूजा गंदे या अपवित्र वस्त्रों में नहीं करनी चाहिए। हनुमान जी की पूजा के लिए लाल, पीले या केसरी रंग के कपड़े पहनना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। आज के दिन भूलकर भी काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े पहनकर पूजा न करें, इसे अशुभ माना जाता है।
भोजन और नमक का नियम अगर आपने हनुमान जन्मोत्सव का व्रत रखा है, तो आज पूरे दिन नमक का सेवन करने से बचें। यदि आपने व्रत नहीं भी रखा है, तो भी घर में सात्त्विक भोजन ही बनाएं और ग्रहण करें। मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन आज के दिन एक भारी गलती साबित हो सकती है।
ब्रह्मचर्य का सख्ती से करें पालन पवनपुत्र हनुमान बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए उनके जन्मोत्सव के दिन भक्तों को शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूपों में पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। मन में किसी भी प्रकार के बुरे विचार या अशुद्धता न लाएं।
पूजा में न चढ़ाएं चरणामृत अक्सर हिंदू धर्म की पूजा में देवी-देवताओं को चरणामृत अर्पित किया जाता है, लेकिन हनुमान जी की पूजा का विधान थोड़ा अलग है। शास्त्रों के अनुसार, बजरंगबली की पूजा में कभी भी चरणामृत का उपयोग नहीं किया जाता है, इसलिए उन्हें इसे अर्पित न करें।
अहंकार और दिखावे से बचें बजरंगबली सादगी और सच्ची भक्ति के प्रतीक हैं। आज के दिन यदि आप पूजा, दान या भंडारे का आयोजन कर रहे हैं, तो मन में तनिक भी अहंकार न लाएं। दिखावे के लिए किया गया कोई भी पुण्य कार्य हनुमान जी स्वीकार नहीं करते हैं।