धनबाद की बिजली का टेंशन अब होगा दूर निरसा, सिंदरी और टुंडी के लोगों के लिए आ गई बड़ी खुशखबरी
News India Live, Digital Desk: धनबाद और उसके आसपास के इलाकों, जैसे निरसा, सिंदरी और टुंडी में रहने वालों के लिए बिजली का कटना और लो-वोल्टेज की समस्या कोई नई बात नहीं है। कभी तेज हवा चली तो बिजली गायब, और कभी लोड बढ़ा तो घंटों का कट। लेकिन अब झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की ओर से एक ऐसी राहत भरी खबर आई है, जिसका इंतज़ार लोग बरसों से कर रहे थे।
पावर ग्रिड प्रोजेक्ट का असर
धनबाद में जिस पावर ग्रिड प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, वह अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिजली की आपूर्ति के लिए हमें पड़ोसी राज्यों या पुराने जर्जर सिस्टम पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खासकर निरसा और सिंदरी जैसे इंडस्ट्रियल और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
निरसा, सिंदरी और टुंडी का क्या बदलेगा?
टुंडी जैसे ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या खेती-बारी और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर डालती थी। नए ग्रिड से कनेक्ट होने के बाद वोल्टेज की स्थिरता बढ़ेगी। सिंदरी में बंद होती फैक्ट्रियों और नए संस्थानों के लिए बिजली की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध हो पाएगी। सरल शब्दों में कहें तो, जो बिजली अभी तक लंबी लाइनों और पुरानी मशीनों की वजह से रास्ते में ही 'दम तोड़' देती थी, अब वह सीधे आपके घर तक पूरी मजबूती के साथ पहुँचेगी।
कब तक मिलेगी पूरी राहत?
बिजली विभाग यानी JBVNL की मानें तो काम तेज़ी से चल रहा है। कई बार स्थानीय विवादों या ज़मीन की दिक्कतों की वजह से प्रोजेक्ट्स लटक जाते हैं, लेकिन धनबाद के इस प्रोजेक्ट में फिलहाल कोई बड़ी बाधा नज़र नहीं आ रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो आने वाले कुछ महीनों में धनबाद का बिजली मैप पूरी तरह बदल सकता है।
सच तो ये है कि जब किसी शहर में बुनियादी ढांचा यानी 'इंफ्रास्ट्रक्चर' मज़बूत होता है, तो शहर का विकास अपने आप होने लगता है। बिजली का आना सिर्फ़ घरों में रौशनी नहीं लाता, बल्कि नए व्यापार और छोटे उद्योगों के लिए भी रास्ते खोलता है। धनबाद की जनता बस यही दुआ कर रही है कि अब वह दिन जल्दी आए जब 'बिजली का कटना' सिर्फ़ एक गुज़री हुई याद बनकर रह जाए।