Delhi Air Crisis : सांस लेना हुआ मुश्किल ,दिल्ली की हवा में फिर घुला जहर, स्मॉग से ढका पूरा शहर
News India Live, Digital Desk: अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो आज सुबह जब आपने अपनी खिड़की खोली होगी, तो आपको ताजी हवा नहीं, बल्कि धुएं और धुंध की एक मोटी, जहरीली चादर (Toxic Smog) नजर आई होगी। यह कोई आम कोहरा नहीं है, यह वो प्रदूषण है जो अब हमारे फेफड़ों पर सीधा हमला कर रहा है।
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्लीवालों का जो सबसे बड़ा डर था, वो अब हकीकत बन चुका है। हालात यह हैं कि शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index - AQI) एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
आंकड़े डरा रहे हैं!
ताज़ा रिपोर्ट्स की मानें तो पूरी दिल्ली का औसत एक्यूआई (AQI) 359 दर्ज किया गया है, जो 'बेहद खराब' (Very Poor Category) श्रेणी में आता है। और ये तो सिर्फ़ औसत है! अगर हम दिल्ली के कुछ हॉटस्पॉट्स जैसे आनंद विहार (Anand Vihar) या बवाना (Bawana) की बात करें, तो वहां हालात और भी बदतर हैं। कई जगह मीटर 400 का आंकड़ा छूने को बेताब हैं, जिसे आम भाषा में 'सीवियर' या गंभीर माना जाता है।
आसान शब्दों में कहें तो, हम हवा में सांस नहीं ले रहे, बल्कि एक तरह के 'गैस चैंबर' में रह रहे हैं।
ट्रेनों की रफ़्तार पर ब्रेक, मुसाफिर परेशान
इस जहरीले स्मॉग का असर सिर्फ़ हमारी सेहत पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की रफ़्तार पर भी पड़ा है। आसमान में छाई धुंध के चलते विजिबिलिटी (Visibility) इतनी कम हो गई है कि गाड़ियों का चलना मुश्किल हो गया है। इसका सीधा असर रेलवे पर पड़ा है। ख़बर है कि कम दृश्यता के कारण भारतीय रेलवे की कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं (Trains delayed due to smog)। जो लोग दूसरे शहरों से दिल्ली आ रहे हैं, उन्हें घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है।
सुबह-सुबह ऑफिस जाने वालों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह धुंध एक मुसीबत बन गई है। आंखों में जलन और सांस लेने में भारीपन की शिकायतें अब घर-घर की कहानी बन चुकी हैं।
सरकार और पाबंदियां
प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत पाबंदियां लागू की जा रही हैं, लेकिन आम आदमी के लिए राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व (Pollutants) एक ही जगह जम गए हैं और अगले कुछ दिनों तक इससे छुटकारा मिलना मुश्किल लग रहा है।
अब क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह बिल्कुल साफ है अगर ज़रूरी न हो तो सुबह की सैर (Morning Walk) से बचें। खासकर बुजुर्ग और बच्चे इस जहरीली हवा से दूर रहें। मास्क का इस्तेमाल सिर्फ़ कोविड के लिए नहीं, अब दिल्ली की हवा से बचने के लिए भी बेहद ज़रूरी हो गया है।
दिल्ली का यह हाल हमें हर साल सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब मिलेगी हमें वो 'साफ नीले आसमान' वाली दिल्ली? फिलहाल तो सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।