बेटियां सच में कमाल कर रही हैं, मिलिए CRPF की सिमरन से, जो पुरुष जवानों की टुकड़ी को लीड कर रचाएंगी इतिहास

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News India Live, Digital Desk: हर साल 26 जनवरी को जब राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर हमारी सेनाओं का मार्च शुरू होता है, तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। लेकिन इस साल का गणतंत्र दिवस बेहद खास होने वाला है। इस बार हमारी निगाहें एक ऐसी महिला अफसर पर होंगी, जो वह काम करने जा रही हैं जो आज से पहले बहुत कम देखने को मिला है। हम बात कर रहे हैं सीआरपीएफ (CRPF) की बहादुर असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन के बारे में।

आखिर सिमरन क्यों बना रही हैं इतिहास?
सबसे खास और बड़ी बात ये है कि सिमरन इस बार की परेड में सिर्फ शामिल नहीं हो रही हैं, बल्कि वो सीआरपीएफ के उस पूरे दस्ते का नेतृत्व (Lead) करेंगी जिसमें सिर्फ पुरुष जवान होंगे। आम तौर पर हम देखते हैं कि पुरुष अधिकारी ही जवानों का नेतृत्व करते हैं, या फिर महिलाएं अपने अलग दस्ते का नेतृत्व करती हैं। लेकिन एक महिला अधिकारी का 'पुरुषों की टुकड़ी' के आगे कदम से कदम मिलाकर चलना 'नारी शक्ति' की असली पहचान है।

कौन हैं सिमरन? (एक छोटा सा परिचय)
सिमरन के बारे में बात करें तो वह कोई बड़े वीआईपी बैकग्राउंड से नहीं आती हैं। वह अपनी कड़ी मेहनत और फौलादी इरादों की बदौलत आज इस मुकाम तक पहुंची हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई और उनकी परवरिश ने उन्हें हमेशा कुछ बड़ा करने की प्रेरणा दी। सीआरपीएफ जैसे सख्त फोर्स में शामिल होना और वहां एक नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में उभरना यह दिखाता है कि हमारी बेटियां अब हर मैदान में बराबरी पर खड़ी हैं।

यह सिर्फ एक परेड नहीं, एक संदेश है
जब सिमरन पुरुषों के उस भारी-भरकम मार्चिंग दल का नेतृत्व करते हुए देश के राष्ट्रपति को सलामी देंगी, तो वह पूरी दुनिया को एक कड़ा संदेश देंगी। संदेश ये कि कमांड और ताकत सिर्फ पुरुषों की जागीर नहीं है। देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब बराबरी के साथ कंधों पर है। इससे उन लाखों लड़कियों को भी प्रेरणा मिलेगी जो सेना या पुलिस में जाकर देश सेवा करने का सपना देखती हैं।

सिमरन जैसे अफसर हमारे समाज का असली गौरव हैं। इस बार जब आप अपने टीवी पर 26 जनवरी की परेड देखें, तो उस पल का इंतज़ार ज़रूर कीजिएगा जब सिमरन अपने दस्ते के साथ पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। सच में, यह नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला होगा।