बेटियां नहीं हैं बोझ, वे हैं घर की शान जन्म से लेकर 12वीं तक राजस्थान सरकार उठाएगी 50,000 का जिम्मा
News India Live, Digital Desk : राजस्थान की माटी में हमेशा से 'बेटी' को घर की लक्ष्मी माना गया है। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी और पढ़ाई के खर्च के डर से लोग बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। अगर आपके घर भी नन्ही परी ने जन्म लिया है, तो अब उसकी पढ़ाई-लिखाई या परवरिश की चिंता छोड़ दीजिए। राजस्थान सरकार की 'मुख्यमंत्री राजश्री योजना' खास तौर पर आपकी लाडली के सपनों को पंख लगाने के लिए ही बनाई गई है।
हकीकत ये है कि यह योजना केवल पैसा नहीं, बल्कि राज्य की हर बेटी को मुस्कुराने और आत्मसम्मान के साथ जीने का मौका देती है। इस योजना के तहत सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी 12वीं कक्षा तक कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे आपके बैंक खाते में जमा करती है। चलिए समझते हैं कि यह पैसा आपको कब और कैसे मिलता है।
किस्त-दर-किस्त खुशियों का हिसाब (The Installments):
इस योजना का फायदा एक बार में नहीं, बल्कि बेटी की उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर 6 किस्तों में मिलता है:
- पहली किस्त: बेटी के जन्म के तुरंत बाद ₹2,500।
- दूसरी किस्त: जब बेटी 1 साल की हो जाए और उसका पूरा टीकाकरण हो चुका हो, तब ₹2,500।
- तीसरी किस्त: किसी भी सरकारी स्कूल की पहली कक्षा में एडमिशन लेने पर ₹5,000।
- चौथी किस्त: कक्षा 6 में पहुँचने पर ₹5,000।
- पांचवीं किस्त: कक्षा 10 में पहुँचने पर ₹11,000।
- छठी किस्त: जब बेटी सफलतापूर्वक कक्षा 12 पास कर लेती है, तब सबसे बड़ी रकम यानी ₹25,000।
क्या आपकी बेटी इसके लिए पात्र है? (Eligibility)
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ छोटी मगर ज़रूरी शर्तें हैं:
- आप मूल रूप से राजस्थान के निवासी होने चाहिए।
- बेटी का जन्म 1 जून 2016 के बाद हुआ हो (ताकि वह इस स्कीम के दायरे में आ सके)।
- लाभ लेने के लिए 'भामाशाह कार्ड' या अब का 'जन आधार कार्ड' होना अनिवार्य है।
- योजना का फायदा उन बेटियों को मिलता है जिनका जन्म सरकारी अस्पताल या अधिकृत प्राइवेट संस्थानों में हुआ है।
योजना का बड़ा मकसद
सरकार इस स्कीम के जरिए केवल पैसा ही नहीं दे रही, बल्कि समाज की सोच बदलना चाहती है। इसका असली लक्ष्य यह है कि लोग अपनी बेटियों को स्कूल भेजें, उनका सही टीकाकरण करवाएं और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगे। जब बेटी पढ़ी-लिखी होगी और सरकार का साथ होगा, तभी तो वह समाज की 'राजश्री' बन पाएगी।
एक छोटी सी सलाह:
अगर आपके आसपास कोई ऐसा परिवार है जिनके घर बेटी हुई है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, तो उन्हें ज़रूर बताएं। आपके पास के ई-मित्र केंद्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या जन संपर्क कार्यालय से इसकी पूरी मदद मिल सकती है।
अपनी बेटी को एक मजबूत कल का तोहफा दें। क्योंकि जब बेटियां आगे बढ़ती हैं, तभी राजस्थान आगे बढ़ता है!