Dark Showering : क्या अंधेरे में नहाने से दूर हो सकती है अनिद्रा? फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

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News India Live, Digital Desk : भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का तनाव और घंटों स्क्रीन के सामने बैठने की आदत ने आज की पीढ़ी से उनकी नींद छीन ली है। अगर आप भी रात भर करवटें बदलते रहते हैं और 'इंसोमनिया' (Insomnia) यानी अनिद्रा के शिकार हैं, तो एक नया लाइफस्टाइल ट्रेंड आपकी मदद कर सकता है। इसे कहा जा रहा है 'डार्क शावरिंग' (Dark Showering)

सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन दुनिया भर में लोग बेहतर नींद और मेंटल रिलैक्सेशन के लिए इस तरीके को अपना रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है यह ट्रेंड और इसके पीछे का विज्ञान।

क्या है 'डार्क शावर' ट्रेंड?

जैसा कि नाम से साफ है, डार्क शावर का मतलब है पूरी तरह से अंधेरे में या बेहद धीमी रोशनी (जैसे मोमबत्ती की रोशनी) में नहाना। इसमें बाथरूम की तेज लाइट बंद कर दी जाती है और गुनगुने पानी के साथ शांति से नहाया जाता है। यह ट्रेंड केवल सफाई के लिए नहीं, बल्कि एक 'थेरेपी' की तरह काम करता है।

कैसे मदद करता है अंधेरे में नहाना?

विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क शावरिंग के पीछे कई मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारण हैं:

मेलाटोनिन का बढ़ना: हमारी नींद का चक्र 'मेलाटोनिन' हार्मोन पर निर्भर करता है, जो अंधेरे में तेजी से बनता है। नहाते समय तेज रोशनी बंद करने से दिमाग को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है।

सेंसरी ओवरलोड में कमी: दिनभर की शोर-शराबे और चमकीली रोशनी के बाद, अंधेरे में नहाना आपकी इंद्रियों (Senses) को शांत करता है। यह 'सेंसरी डेप्रिवेशन' की तरह काम करता है जिससे दिमाग तुरंत रिलैक्स महसूस करता है।

तनाव से मुक्ति: गुनगुना पानी और अंधेरा मिलकर मांसपेशियों के तनाव को कम करते हैं, जिससे कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का लेवल गिरता है।

डार्क शावरिंग के दौरान रखें इन 3 बातों का ध्यान

अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो सुरक्षा सबसे पहले है:

हल्की रोशनी रखें: पूरी तरह अंधेरा करने के बजाय एक छोटी कैंडल या डिम लाइट का इस्तेमाल करें ताकि फिसलने का डर न रहे।

पानी का तापमान: पानी न तो बहुत गर्म हो और न बहुत ठंडा। शरीर के तापमान के अनुकूल पानी सबसे बेहतर रिजल्ट देता है।

सुगंध का जादू: नहाने के पानी में लैवेंडर या कैमोमाइल ऑयल की कुछ बूंदें इस अनुभव को और भी जादुई बना सकती हैं।