Cyclone Update : तमिलनाडु में मौसम का रेड सिग्नल रामेश्वरम और तूतुकुड़ी में बारिश ने बढ़ाई धड़कनें, NDRF ने संभाला मोर्चा

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News India Live, Digital Desk: अगर आप दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु के तटीय इलाकों की खबरों पर नजर बनाए हुए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बहुत जरूरी है। पिछले कुछ घंटों में मौसम ने जो करवट ली है, उसने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बात हो रही है बंगाल की खाड़ी में बने उस गहरे दबाव (Deep Depression) की, जिसके चलते रामेश्वरम, तूतुकुड़ी और आसपास के इलाकों में हालात थोड़े नाजुक बने हुए हैं।

क्या है जमीनी हकीकत?
दरअसल, मौसम विभाग ने जिस तूफान और भारी बारिश का अंदेशा जताया था, उसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। रामेश्वरम, जिसे हम पंबन पुल और समुद्र के खूबसूरत नजारों के लिए जानते हैं, वहां इस वक्त तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। तूतुकुड़ी में भी आसमान काले बादलों से घिरा हुआ है और रुक-रुक कर हो रही बरसात ने जनजीवन को धीमा कर दिया है।

आम लोग थोड़े सहमे हुए हैं, जो कि स्वाभाविक भी है। जब भी समंदर में ऐसी कोई हलचल होती है, तो सबसे ज्यादा डर उन लोगों को होता है जो तट के किनारे बसे हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि इस बार तैयारी पहले से कहीं ज्यादा पुख्ता है।

NDRF की 'एक्शन मोड' में एंट्री
आपको घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीमों को पहले ही प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है। प्रशासन कोई भी चांस नहीं लेना चाहता। तूतुकुड़ी और रामेश्वरम के संवेदनशील इलाकों में ये टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं। उनके पास वो सारे उपकरण मौजूद हैं जिनकी जरूरत बाढ़ या तूफान जैसी स्थिति में पड़ सकती है।

मछुआरों और पर्यटकों के लिए सख्त सलाह
फिलहाल के लिए समंदर को 'नो-गो जोन' (No-Go Zone) बना दिया गया है। जो मछुआरे अपनी नावों के साथ गहरे पानी में जाते थे, उन्हें साफ लफ्जों में वापस लौटने या किनारे पर ही रहने को कहा गया है। प्रशासन जानता है कि हवा की रफ्तार कभी भी बढ़ सकती है, ऐसे में रिस्क लेना समझदारी नहीं होगी। अगर आप वहां घूमने का प्लान बना रहे थे, तो फिलहाल इसे टाल देना ही बेहतर है। धनुषकोडी और पंबन जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स पर जाने से पहले स्थानीय पुलिस की गाइडलाइंस जरूर चेक कर लें।

आगे क्या होगा?
मौसम विभाग लगातार इस सिस्टम को मॉनिटर कर रहा है। यह गहरा दबाव एक चक्रवात (Cyclone) में बदल सकता है या कमजोर होकर बिखर सकता है, इस पर हर पल नजर रखी जा रही है। लेकिन जिस तरह से तटीय इलाकों में हवाएं चल रही हैं, उससे साफ है कि अगले 24 से 48 घंटे काफी अहम होने वाले हैं।

सरकार ने स्कूल-कॉलेजों के लिए भी एहतियातन निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है।

हमारा सुझाव:
कुदरत के आगे किसी का जोर नहीं चलता, लेकिन समझदारी इसी में है कि हम तैयार रहें। अगर आप इन इलाकों में हैं, तो अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें। अपने फोन चार्ज रखें और इमरजेंसी नंबर अपने पास नोट करके रखें। प्रशासन पूरी मदद के लिए तैयार खड़ा है, बस जरूरत है आपके सहयोग और धैर्य की।