Cricket News : सिर्फ क्रिकेट नहीं, हुक्का पर भी होती थी टीम मीटिंग? CSK खिलाड़ी ने खोला सच

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News India Live, Digital Desk: कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी जितने मैदान पर शांत और रहस्यमयी दिखते हैं, उतने ही मैदान के बाहर अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उनकी कप्तानी में खेलने वाले खिलाड़ी अक्सर बताते हैं कि कैसे धोनी का कमरा सिर्फ उनका कमरा नहीं, बल्कि पूरी टीम का एक अड्डा हुआ करता था. हाल ही में, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक युवा खिलाड़ी ने इस बारे में बात की, जिसके बाद धोनी के रूम और वहां के माहौल को लेकर पुरानी कहानियां फिर से ताजा हो गई हैं, जिसमें 'हुक्का' का जिक्र भी शामिल है.

दरवाजा हमेशा खुला रहता था

CSK के युवा दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी डेवाल्ड ब्रेविस ने हाल ही में बताया कि धोनी का अपने खिलाड़ियों से कितना गहरा जुड़ाव है. उन्होंने कहा, "धोनी मैदान के बाहर कैसे हैं, यह जानना खास है. उनके कमरे का दरवाजा हमेशा खुला रहता है. अगर वो सो नहीं रहे हैं, तो कोई भी उनसे जाकर मिल सकता है.ब्रेविस ने बताया कि कैसे वो धोनी के साथ उनके कमरे में बैठकर क्रिकेट और उनकी हॉबी के बारे में बातें करते थे.

हुक्के के इर्द-गिर्द बनती थी टीम?

ब्रेविस की बातें तो नई हैं, लेकिन धोनी के कमरे की 'ओपन-डोर पॉलिसी' की कहानी पुरानी है. इससे पहले, धोनी के साथ CSK में खेल चुके पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जॉर्ज बेली ने इस राज से पर्दा उठाया था कि धोनी कैसे टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ घुलते-मिलते थे. बेली ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि धोनी को हुक्का (शीशा) पसंद है और वो अक्सर इसे अपने कमरे में सेट-अप करके रखते थे.

बेली के मुताबिक, धोनी का कमरा एक ऐसी जगह थी जहां सीनियर और जूनियर का भेद खत्म हो जाता था. उन्होंने कहा था, “आप अक्सर देर रात उनके कमरे में जाते और वहां कई युवा खिलाड़ियों को पाते. यह धोनी का खिलाड़ियों के बीच की दीवार को तोड़ने और उनसे खुलकर बात करने का एक तरीका था.”बेली ने इसे टीम बॉन्डिंग का एक बेहतरीन तरीका बताया था.

विवादों ने भी लिया जन्म

हालांकि, जहां कई खिलाड़ियों ने इसे टीम को जोड़ने की एक अनोखी पहल बताया, वहीं कुछ के लिए यह विवाद का विषय भी बना. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान का एक पुराना इंटरव्यू हाल ही में फिर से वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने इशारों में कहा था कि वह किसी के कमरे में "हुक्का सेट-अप" करने की आदत नहीं रखते. उनके इस बयान को धोनी पर एक तंज के रूप में देखा गया, मानो यह कहा जा रहा हो कि कप्तान को खुश करने के लिए कुछ खिलाड़ी ऐसा करते थे.

कुल मिलाकर, धोनी की कप्तानी का यह भी एक अनूठा पहलू था. उनका कमरा युवा खिलाड़ियों के लिए एक ऐसा कम्फर्ट जोन था, जहां वे अपने कप्तान से सीधे जुड़ सकते थे. अब किसी के लिए यह एक 'हुक्का सेशन' था, तो किसी के लिए टीम को एक परिवार बनाने का 'माही वे'.