नर्सिंग होम एक्ट का शिकंजा : अवैध स्वास्थ्य केंद्रों पर सख्त कार्रवाई, जनता की सुरक्षा पर प्रशासन की प्राथमिकता

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करण सिंह | न्यूज़ इंडियालाइव : बस्तर जिले में बिना अनुमति संचालित निजी स्वास्थ्य केंद्रों और पैथोलॉजी लैब पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने निरीक्षण के बाद 05 संस्थानों पर ₹1,00,000 का जुर्माना लगाने और 15 संस्थानों के पंजीयन आवेदन अस्वीकृत करने की सिफारिश की है।

कलेक्टर श्री हरिस एस के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पाया गया कि कई निजी क्लीनिक और लैब बिना वैध अनुमति के संचालन कर रहे थे, जबकि कुछ संस्थानों ने अधूरे दस्तावेज़ों और अपात्र चिकित्सकों के माध्यम से सेवाएं दीं।
जुर्माना लगाए गए संस्थान (₹20,000 प्रति संस्था)

1. स्पर्श पॉलीक्लीनिक
2. स्पर्श पैथोलॉजी लैब
3. बालाजी पॉलीक्लीनिक
4. मेडिकेयर पैथोलॉजी लैब
5. बालाजी डायग्नोस्टिक सर्विसेस

पंजीयन अस्वीकृत करने की सिफारिश वाले 15 संस्थान

दस्तावेजों की अपूर्णता और नियमों की अवहेलना के कारण समिति ने निम्नलिखित संस्थानों के आवेदन अस्वीकृत किए —

वशिष्ठ आयुर्वेदिक क्लीनिक (धरमपुरा)

संजीवनी क्लीनिक (नगरनार)

डॉ. गोपेश कुमार क्लीनिक (पुराना गीदम रोड)

डॉ. आजाद डायग्नोस्टिक (चोकावाड़ा)

पंजाब पॉलीक्लीनिक (प्रताप देव वार्ड)

राधा-स्वामी हॉस्पिटल (आडावाल)

एवं अन्य निजी संस्थान

डॉ. भवर शर्मा, नोडल अधिकारी, बस्तर बोले —

 “बिना वैध पंजीयन के संचालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का पालन न करने वालों को नोटिस देकर बंद करने तक की कार्रवाई संभव है।”

ग्रामीण इलाकों में भी जारी रहेगा अभियान

कलेक्टर के निर्देश पर अब ग्रामीण इलाकों में अवैध चिकित्सक, झोलाछाप डॉक्टर और अनधिकृत लैब संचालकों के विरुद्ध विशेष निरीक्षण दल तैनात किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि जनता को सुरक्षित, वैधानिक और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है।

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