बिहार में पुलिस अधिकारी पर गिरी कोर्ट की गाज नाबालिग से दुष्कर्म प्रयास केस में लापरवाही पड़ी भारी

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News India Live, Digital Desk: बिहार के न्याय गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के प्रयास के मामले में जांच में ढिलाई बरतने और अदालती आदेशों की अनदेखी करने पर POCSO कोर्ट ने सख्त कार्रवाई की है। कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारी (IO) पर 5,000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया है, जो सीधे उनकी सैलरी से काटा जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़े यौन उत्पीड़न (Attempt to Rape) से संबंधित है। कानूनन ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को एक निश्चित समय सीमा के भीतर ठोस जांच और चार्जशीट दाखिल करनी होती है।

कोर्ट की फटकार: सुनवाई के दौरान पाया गया कि जांच अधिकारी (Investigating Officer) ने केस की डायरी और जरूरी साक्ष्य पेश करने में अनावश्यक देरी की।

बार-बार नोटिस की अनदेखी: कोर्ट ने पहले भी अधिकारी को चेतावनी दी थी, लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो न्यायाधीश ने कड़ा रुख अपनाते हुए आर्थिक दंड का आदेश दे दिया।

सैलरी से कटेगी जुर्माने की रकम

POCSO कोर्ट के जज ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जुर्माने की यह राशि (5,000 रुपये) पुलिस अधिकारी के अगले महीने के वेतन से काटकर सरकारी खजाने में जमा की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस की ऐसी लापरवाही से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में देरी होती है, जो कानूनन अस्वीकार्य है।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

अदालत के इस कड़े फैसले के बाद जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह फैसला उन सभी अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है जो गंभीर आपराधिक मामलों, खासकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की जांच में सुस्ती दिखाते हैं।