भीषण गर्मी में भी नहीं सूखेगा घर की छत पर लगा धनिया और पुदीना, हरा-भरा रखने के लिए अपनाएं ये 4 गार्डनिंग फॉर्मूले
News India Live, Digital Desk: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही तेज धूप और लू न सिर्फ इंसानों, बल्कि घर में लगे पेड़-पौधों का भी हाल बेहाल कर देती है। गर्मी के इस मौसम में रसोई में पुदीना और धनिया की डिमांड सबसे ज्यादा होती है, इसलिए ज्यादातर लोग इन्हें अपनी छत या बालकनी में लगाना पसंद करते हैं। लेकिन चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं की मार ये नाजुक पौधे सह नहीं पाते और अक्सर सूखकर मुरझा जाते हैं। अगर आप भी अपने धनिया और पुदीना के पौधों के सूखने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अब आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। गार्डनिंग के कुछ बेहद आसान और अचूक फॉर्मूले अपनाकर आप भीषण गर्मी में भी अपने पौधों को हरा-भरा और खिला-खिला रख सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये कमाल के तरीके।
पौधों को रखने के लिए चुनें बिल्कुल सही जगह धनिया और पुदीना के पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए सबसे जरूरी है उनकी जगह का सही चुनाव। इन पौधों को ऐसी जगह पर रखें जहां इन्हें सिर्फ सुबह की मीठी और हल्की धूप मिले। दोपहर की तेज और झुलसाने वाली धूप से इन्हें बचाना बेहद जरूरी है, इसलिए दिन के समय गमलों को किसी छायादार जगह पर शिफ्ट कर देना चाहिए।
पानी देने का सही समय और तरीका पहचानें गर्मी के मौसम में गमले की मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप पौधों को पानी से लबालब भर दें। पानी देने का सही नियम यह है कि जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी नजर आए, तभी उसमें पानी डालें। जरूरत से ज्यादा पानी देने (ओवरवाटरिंग) से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा बहुत जल्दी खराब हो जाता है।
सही खाद और गमले का करें इस्तेमाल धनिया और पुदीना की अच्छी ग्रोथ के लिए सही खाद का होना बहुत मायने रखता है। गर्मियों में मिट्टी को ठंडा रखने के लिए आप थर्माकोल के गमले का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट), पुरानी गोबर की खाद और सामान्य मिट्टी को अच्छे से मिलाकर पौष्टिक बेस तैयार करें। यह प्राकृतिक खाद आपके पौधों को पर्याप्त पोषण देगी और उन्हें बिना सड़ाए लंबे समय तक स्वस्थ रखेगी।
ग्रीन नेट या जाली का करें समझदारी से उपयोग अगर आपकी छत पर छाया की कोई पक्की व्यवस्था नहीं है और सूरज की सीधी धूप आती है, तो पौधों को झुलसने से बचाने के लिए जाली (ग्रीन नेट) का इस्तेमाल करें। आप पौधों के ऊपर जाली की डबल लेयर (दो परत) लगा सकते हैं। ऐसा करने से सूरज की सीधी और तेज किरणें छनकर आएंगी, जिससे पौधों की कोमल पत्तियां झुलसने से बच जाएंगी और आपका धनिया-पुदीना पूरी गर्मी हरा-भरा बना रहेगा।