Consumer Rights : कभी आप भी देते हैं Carry Bag का पैसा? ये ख़बर जानकर चौंक जाएंगे, हो जाएं अलर्ट

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News India Live, Digital Desk: दोस्तों, अक्सर जब हम बड़े मार्ट या स्टोर्स में शॉपिंग करने जाते हैं, तो बिल चुकाते समय हमें एक आम सवाल का सामना करना पड़ता है: "मैम/सर, कैरी बैग चाहिए क्या?" और फिर उस कैरी बैग के लिए 5-10 रुपये अलग से वसूले जाते हैं. भले ही ये कुछ रुपये ही क्यों न हों, लेकिन कई बार ये नागवार गुजरते हैं, क्योंकि सामान तो हम उन्हीं के स्टोर से खरीदते हैं! लेकिन, अब इस "कैरी बैग चार्ज" को लेकर ग्राहकों के हक़ में एक बड़ा फैसला आया है, जो बताता है कि ये हरकत मॉल को भारी पड़ सकती है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ऐसे ही मामले में ग्राहक ने आवाज़ उठाई, जिसके बाद उपभोक्ता अदालत ने एक मार्ट पर ₹3000 का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. हुआ यूं कि एक ग्राहक मार्ट से खरीदारी करके निकले. जब उन्होंने बिल चेक किया, तो पाया कि कैरी बैग के लिए उनसे ₹7 अलग से लिए गए थे. ग्राहक को लगा कि यह गलत है, क्योंकि स्टोर को ग्राहकों को मुफ़्त कैरी बैग देना चाहिए या कम से कम पहले से ही इसके बारे में जानकारी देनी चाहिए.

इस बात से परेशान होकर उस ग्राहक ने जिला उपभोक्ता फोरम (कंज्यूमर फोरम) में शिकायत दर्ज़ करा दी. उपभोक्ता फोरम ने इस पूरे मामले की जांच की और ग्राहक की शिकायत को सही पाया. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कैरी बैग के लिए ग्राहक से पैसे लेना अनुचित व्यापार प्रथा (Unfair Trade Practice) है. इसलिए, मार्ट को न सिर्फ़ उस ग्राहक के ₹7 वापस करने होंगे, बल्कि जुर्माने के तौर पर ₹3000 और केस के खर्च के तौर पर कुछ रकम भी देनी पड़ेगी.

यह फैसला दिखाता है कि ग्राहक होने के नाते हमारे कुछ अधिकार हैं और हमें इन अधिकारों के बारे में जानना चाहिए. अगर कोई दुकानदार या स्टोर कैरी बैग के नाम पर पैसे लेता है, जबकि उसके बारे में पहले से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई है, तो यह सरासर गलत है. ऐसे में हमें चुप नहीं बैठना चाहिए, बल्कि उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज़ करानी चाहिए.

यह ₹3000 का जुर्माना सिर्फ़ एक छोटा सा उदाहरण है कि कैसे ग्राहकों की जागरूकता और उनका अपने हक़ के लिए खड़ा होना बड़े स्टोर को सबक सिखा सकता है. तो अगली बार जब कोई आपसे कैरी बैग के पैसे मांगे, तो सोच समझकर ही फैसला करें!