Conspiracy to Topple Nitish Government : तेजस्वी यादव के बाद अब BJP की यह बड़ी नेता भी जांच के घेरे में

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News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में उस वक्त एक बड़ा भूचाल आ गया, जब इस साल फरवरी में नीतीश कुमार की NDA सरकार फ्लोर टेस्ट का सामना कर रही थी। उस समय विपक्ष पर विधायकों को खरीदने (Horse-Trading) और सरकार गिराने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे थे। अब इस मामले की जांच की आंच सत्ता पक्ष तक भी पहुंचने लगी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

ताजा खबर यह है कि बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक वरिष्ठ और तेज-तर्रार विधायक भागीरथी देवी से पूछताछ की है। यह पूछताछ उस सियासी तूफान का हिस्सा है, जिसकी एफआईआर में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।

क्या है यह पूरा मामला?

यह पूरा मामला इसी साल फरवरी महीने का है। नीतीश कुमार ने RJD का साथ छोड़कर BJP के साथ मिलकर नई सरकार बनाई थी। विधानसभा में विश्वास मत (Floor Test) से ठीक पहले JDU के विधायक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में एक सनसनीखेज एफआईआर दर्ज कराई थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि NDA सरकार को गिराने के लिए RJD के नेता विधायकों को करोड़ों रुपये और मंत्री पद का लालच दे रहे थे। इस एफआईआर में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उनके निजी सचिव और आरजेडी के कई अन्य नेताओं को आरोपी बनाया गया था।

लेकिन इस कहानी में BJP विधायक का नाम कैसे आया?

इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस वायरल ऑडियो में कथित तौर पर जो आवाज थी, वह बेतिया के रामनगर से BJP की विधायक भागीरथी देवी की बताई जा रही है।

कथित तौर पर इस ऑडियो में वह यह कहती हुई सुनाई दे रही हैं कि उन्हें भी पाला बदलने और NDA सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए "एक बड़ी रकम" का ऑफर दिया गया था।

यही वायरल ऑडियो अब भागीरथी देवी के लिए गले की फांस बन गया है। EOU की टीम अब इसी ऑडियो की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है। इसी सिलसिले में उनसे लंबी पूछताछ की गई है ताकि यह पता चल सके कि क्या सच में उनसे किसी ने संपर्क किया था, अगर किया था तो वो कौन लोग थे, और उन्हें क्या ऑफर दिया गया था?

अब तक कई विधायकों से हो चुकी है पूछताछ

भागीरथी देवी पहली विधायक नहीं हैं, जिनसे इस मामले में पूछताछ हुई है। इससे पहले EOU की टीम RJD से बगावत कर JDU में शामिल हुए पूर्व विधायक चेतन आनंद और नीलम देवी से भी घंटों पूछताछ कर चुकी है। लेकिन अब जांच का दायरा सत्ताधारी दल (BJP) की विधायक तक पहुंच गया है, जिससे यह मामला और भी ज्यादा गंभीर और दिलचस्प हो गया है।

यह पूछताछ बिहार की सियासत में कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे रही है। क्या सच में NDA सरकार को गिराने की कोई बड़ी साजिश रची गई थी? और अगर हां, तो क्या उसके तार सत्ता पक्ष के विधायकों से भी जुड़े थे? इन सभी सवालों के जवाब EOU की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।