देश में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम: फरीदाबाद में डॉक्टर के कमरे से 300 किलो RDX और AK-47 जब्त, 3 डॉक्टर शामिल

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फरीदाबाद आतंकी हमला: आज के समय में देश पर आतंकवाद के काले बादल मंडरा रहे हैं और हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए ऐसी ही एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। हरियाणा के फरीदाबाद शहर में एक डॉक्टर के किराए के कमरे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां ​​सकते में हैं। यह घटना आतंकी नेटवर्क के अप्रत्याशित कनेक्शन की ओर इशारा करती है, जहाँ व्यवसायी भी ऐसे अपराधों में शामिल हो सकते हैं।

इस ऑपरेशन के विवरण पर गौर करें तो पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। कमरे से ज़ब्त की गई चीज़ों में लगभग 300 किलो आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल, 84 कारतूस और भारी मात्रा में संदिग्ध रसायन शामिल थे। इन चीज़ों की मात्रा देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह साज़िश कितनी विनाशकारी हो सकती थी, और समय रहते इसे रोककर कितनी बड़ी तबाही टाली गई।

जाँच का संबंध अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGH) नामक प्रतिबंधित आतंकी संगठन से है। जाँच में पता चला है कि तीन डॉक्टर सीधे तौर पर इस संगठन से जुड़े थे। इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है - अनंतनाग निवासी आदिल अहमद राथर, जिसे सहारनपुर से और पुलवामा निवासी मुज़म्मिल शकील को फरीदाबाद से। तीसरा डॉक्टर अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

इनमें से आदिल अहमद राठेर का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। हाल ही में अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में उनके निजी लॉकर से एके-47 राइफल मिली थी। वे वहाँ वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत थे, लेकिन 24 अक्टूबर, 2024 को उन्होंने अपना पद छोड़ दिया था। इस घटना के बाद से उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित हो गया है।

शुरुआती जाँच से पता चला है कि आदिल और उसके साथी डॉक्टर एजीएच नेटवर्क को फिर से ज़िंदा करने की कोशिश कर रहे थे। इस संगठन की स्थापना 2017 में हिज़्बुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर ज़ाकिर मूसा ने की थी और इसका मकसद कश्मीर में शरिया क़ानून पर आधारित एक इस्लामिक राज्य की स्थापना और भारत के ख़िलाफ़ जिहाद छेड़ना है। ऐसे संगठनों की गतिविधियों को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

फिलहाल, पुलिस और अन्य एजेंसियां ​​इस मामले की आगे की जाँच कर रही हैं ताकि पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स और हथियार फरीदाबाद कैसे पहुँचे और इसमें डॉक्टरों की क्या भूमिका थी। जाँच से पता चला है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है, जिसमें कश्मीर घाटी, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे इलाके भी शामिल हैं। यह घटना देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है, ताकि ऐसी साजिशों को समय रहते रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऐसी कार्रवाइयों से आतंकवादी तत्वों को कड़ा संदेश जाता है कि कानून की नज़र से कोई नहीं बच सकता।

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