राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका 11 विधायकों ने की 'क्रॉस वोटिंग, इन राज्यों में पलट गई बाजी
News India Live, Digital Desk: राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने कांग्रेस पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। हरियाणा, बिहार और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में पार्टी के कम से कम 11 विधायकों द्वारा 'क्रॉस वोटिंग' करने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बगावत ने न केवल कांग्रेस के उम्मीदवारों की गणित बिगाड़ दी, बल्कि पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओडिशा: 3 विधायक सस्पेंड, 'हॉर्स ट्रेडिंग' के आरोप
ओडिशा में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा है। यहाँ पार्टी के 3 विधायकों—रमेश जेना, दशरथ गमांग और सोफिया फिरदौस—पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में वोट करने का आरोप लगा है।
बड़ी कार्रवाई: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इन तीनों विधायकों को तुरंत प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है।
भ्रष्टाचार के आरोप: मतदान से ठीक पहले बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में विधायकों को ₹5 करोड़ के प्रलोभन देने के आरोप में चार लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिसने इस चुनाव को काफी विवादास्पद बना दिया।
हरियाणा: जीत के बावजूद अपनों ने दिया गच्चा
हरियाणा में कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर बौध ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन यहाँ भी अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई।
सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा में करीब 5 से 9 कांग्रेस विधायकों के वोट या तो रद्द हुए या उन्होंने क्रॉस वोटिंग की।
भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस के कई विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज थे और उन्होंने स्वेच्छा से भाजपा समर्थित उम्मीदवार का साथ दिया। हुड्डा गुट और आलाकमान के बीच की यह खाई अब और चौड़ी होती दिख रही है।
बिहार: 'अंतरात्मा की आवाज' पर बदला पाला
बिहार में भी तस्वीर कुछ अलग नहीं रही। यहाँ कांग्रेस के कुछ विधायकों ने मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाई या एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में वोट किया। विधायकों का तर्क है कि उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी 'अंतरात्मा की आवाज' पर वोट दिया है। बिहार में एनडीए ने सभी 5 सीटों पर क्लीन स्वीप करते हुए विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है।
कांग्रेस आलाकमान सख्त, 'कारण बताओ नोटिस' जारी
इस सामूहिक बगावत से दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान काफी नाराज है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारियों ने रिपोर्ट तलब की है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: दोषी विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
सीटिंग अरेंजमेंट: ओडिशा जैसे राज्यों में बागी विधायकों की विधानसभा में बैठने की व्यवस्था बदलने की मांग की गई है।
भविष्य की रणनीति: पार्टी अब इन बागियों को आगामी चुनावों में टिकट न देने पर विचार कर रही है।