झारखंड के हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा कोल्ड स्टोरेज, बजट में 162 करोड़ का प्रावधान किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचने से मिलेगी मुक्ति
News India Live, Digital Desk : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज (शीत गृह) स्थापित करने का निर्णय लिया है। बुधवार, 18 मार्च 2026 को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में भंडारण क्षमता को बढ़ाना और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है।
5000 मीट्रिक टन क्षमता के बनेंगे कोल्ड स्टोरेज
कृषि मंत्री ने सदन को सूचित किया कि वर्तमान में राज्य के प्रत्येक जिले में 5000 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज या तो बनकर तैयार हैं या निर्माण के अंतिम चरण में हैं। अब इस नेटवर्क को और विस्तार देते हुए इसे विधानसभा स्तर तक ले जाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 162.20 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
सोलर पावर से लैस होंगे नए कोल्ड स्टोरेज
आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए सरकार ने घोषणा की है कि ये कोल्ड स्टोरेज 'कोल्ड रूम-सह-सोलर' मॉडल पर आधारित होंगे। इससे न केवल बिजली की खपत कम होगी, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में जहाँ बिजली की समस्या रहती है, वहाँ भी किसानों की फसलें (जैसे टमाटर, हरी सब्जियां और फल) लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेंगी।
विधायकों की अनुशंसा पर तय होगी जगह
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज का निर्माण वहां के जनप्रतिनिधियों (विधायकों) की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा। डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों को 'डिस्ट्रेस सेल' (मजबूरी में कम दाम पर बेचना) से बचाने में गेम चेंजर साबित होगी।
भंडारण पर लोन को लेकर सरकार का रुख
सदन में यह सवाल भी उठा कि क्या किसानों को कोल्ड स्टोरेज में रखे अनाज पर बैंक लोन मिल पाएगा? इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में भंडारित उपज पर सीधे ऋण देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, क्योंकि इसके लिए विशिष्ट वेयरहाउसिंग सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है, जो तकनीकी कारणों से अभी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, सरकार इस दिशा में भविष्य की संभावनाओं पर काम कर रही है।
झारखंड बजट 2026-27 की अन्य बड़ी घोषणाएं
महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत।
बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: प्राकृतिक आपदा से नुकसान की भरपाई के लिए 400 करोड़ का फंड।
दुग्ध उत्पादन: गिरिडीह और सरायकेला में नई डेयरी और रांची में मिल्क पाउडर प्लांट की स्थापना।