CM Yogi’s Big Claim : कल तक जहां दंगे होते थे, आज वो यूपी मिसाल बन गया है पढ़िए योगी का पूरा बयान
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश का नाम आते ही कुछ साल पहले ज़हन में क्या आता था? शायद खस्ताहाल सड़कें, बाहुबलियों का रौब या फिर आये दिन होने वाले दंगे। लेकिन, सच बात यह है कि पिछले कुछ सालों में यूपी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली है। और इस बदलाव का पूरा क्रेडिट वहां की "कानून व्यवस्था" (Law and Order) को जाता है।
हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान जो बातें कहीं, उन्होंने सियासी गलियारों में एक बार फिर 'यूपी मॉडल' की चर्चा छेड़ दी है।
मामला क्या है? (What's the Buzz?)
मौका था पीएसी (PAC) के रंगरूटों (नए भर्ती हुए जवानों) की 'पासिंग आउट परेड' का। वहां 1600 से ज्यादा नए जवान शपथ ले रहे थे। इन जवानों के जोश को देखकर सीएम योगी भी गदगद हो गए और उन्होंने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज यूपी की कानून व्यवस्था पूरे देश के लिए "एक मिसाल" (Model) बन गई है।
"कल तक जो बदहाल था, आज वो नंबर वन है"
सीएम योगी ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि एक वक़्त था जब यूपी की पहचान दंगों से होती थी। कोई त्यौहार आता नहीं था कि कर्फ्यू लग जाता था। बहन-बेटियां घर से निकलने में डरती थीं और व्यापारी यूपी में पैसा लगाने से घबराते थे।
लेकिन अब? योगी जी ने कहा— "आज यूपी दंगा मुक्त है। अब यहाँ माफिया अपनी शर्तों पर नहीं जीते, बल्कि कानून का डंडा चलता है।" उनका कहना साफ़ था कि इसी 'सुरक्षा' के माहौल ने यूपी को विकास की पटरी पर दौड़ाया है।
दूसरे राज्य क्यों देख रहे हैं यूपी की तरफ?
यह बात तो आपने भी नोटिस की होगी। चाहे बुलडोजर एक्शन हो या दंगाइयों से वसूली का कानून, यूपी ने जो भी किया, बाद में दूसरे राज्यों ने भी उसे कॉपी किया। सीएम योगी ने इसी बात का ज़िक्र किया कि आज यूपी की पुलिसिंग और सख्ती दूसरे राज्यों के लिए एक "केस स्टडी" बन चुकी है। लोग कहते हैं कि कानून संभालना हो तो यूपी जैसा संभालो।
नए जवानों को 'बाबा' की नसीहत
वर्दी पहनकर खड़े नए जवानों को सीएम ने एक 'गुरु मंत्र' भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्दी सिर्फ़ कपड़ा नहीं, जिम्मेदारी है। अनुशासन में रहना और जनता की सुरक्षा करना ही अब उनका धर्म है। पीएसी का बल यूपी की जान है, चाहे मेला हो या वीआईपी सुरक्षा, पीएसी के बिना काम नहीं चलता।
राजनीति या हकीकत?
देखिये दोस्तों, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जो लोग यूपी में रहते हैं या आते-जाते हैं, वो इस बदलाव को महसूस कर सकते हैं। रात बिरात सड़क पर निकलना अब पहले जैसा डरावना नहीं लगता। इसे 'योगी इम्पैक्ट' कहें या कुछ और, लेकिन यूपी की चर्चा अब पॉजिटिव वजहों से ज्यादा हो रही है।
आप क्या सोचते हैं?
क्या वाकई यूपी की कानून व्यवस्था देश में सबसे बेस्ट है? या अभी भी सुधार की गुंजाइश है? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय जरूर लिखें।