CM Yogi in Noida : अंधविश्वास का अंत और विकास का नया युग, 9 साल 25 से ज्यादा दौरे और नोएडा बना ग्लोबल हब
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक समय 'नोएडा जिंक्स' (Noida Jinx) का बड़ा खौफ था। माना जाता था कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है। लेकिन 2017 में सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अंधविश्वास को दरकिनार किया। मार्च 2026 तक वे 25 से अधिक बार नोएडा का दौरा कर चुके हैं, और हर दौरे के साथ उन्होंने इस क्षेत्र को हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं।
1. 'नोएडा जिंक्स' का खात्मा
इतिहास: 1988 में वीर बहादुर सिंह, बाद में एन.डी. तिवारी, कल्याण सिंह और मायावती जैसे मुख्यमंत्रियों के साथ हुए कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों ने इस डर को पुख्ता कर दिया था। अखिलेश यादव ने अपने पूरे कार्यकाल में एक बार भी नोएडा का रुख नहीं किया।
योगी का स्टैंड: सीएम योगी ने पदभार संभालते ही कहा कि "विकास के लिए अंधविश्वास की कोई जगह नहीं है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास और मेट्रो के उद्घाटन जैसे बड़े मौकों पर नोएडा जाकर इस मिथक को दफन कर दिया।
2. 9 वर्षों की 5 सबसे बड़ी उपलब्धियां (2017-2026)
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport): यह सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 2026 में इसके पहले चरण का संचालन शुरू होने वाला है, जो नोएडा को दुनिया के सबसे बड़े विमानन केंद्रों (Aviation Hubs) की सूची में खड़ा कर देगा।
फिल्म सिटी (International Film City): यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-21 में बन रही यह अत्याधुनिक फिल्म सिटी उत्तर भारत के कलाकारों के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बन रही है।
डाटा सेंटर हब: नोएडा अब उत्तर भारत का 'डाटा सेंटर कैपिटल' बन चुका है। हीरानंदानी ग्रुप और एनटीटी जैसे बड़े वैश्विक ब्रांड्स ने यहाँ हजारों करोड़ का निवेश किया है।
कनेक्टिविटी का जाल: एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार, जेवर एयरपोर्ट तक पॉड टैक्सी का प्रस्ताव और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव ने नोएडा के रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
औद्योगिक निवेश (Samsung & Vivo): सीएम योगी की नीतियों के कारण सैमसंग ने अपनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल डिस्प्ले फैक्ट्री नोएडा में स्थापित की। आज नोएडा देश का 'मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब' है।
3. कानून-व्यवस्था और 'बिल्डर-बायर' संकट का समाधान
सीएम योगी के कार्यकाल में नोएडा की छवि 'अपराध के गढ़' से बदलकर 'सुरक्षित निवेश स्थल' की बनी है।
कमिश्नरेट प्रणाली: कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई।
रुके हुए प्रोजेक्ट्स: अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू कर सीएम योगी ने हजारों फंसे हुए बायर्स को उनके घरों की रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज की।