रुमाल से चेहरा छिपाकर कोर्ट पहुंचा सौरभ चंद्राकर, CBI को मिली 8 दिन की रिमांड

रुमाल से चेहरा छिपाकर कोर्ट पहुंचा सौरभ चंद्राकर, CBI को मिली 8 दिन की रिमांड

देशभर में चर्चा का विषय बने बहुचर्चित और हजारों करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप (Mahadev Online Book App) घोटाले के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को लेकर देश की जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाई गई इस हाई-प्रोफाइल शख्सियत को जब भारी सुरक्षा के बीच रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, तो उसका अंदाज देखने लायक था। मीडिया के कैमरों और लोगों की नजरों से बचने के लिए सौरभ चंद्राकर ने अपने चेहरे को रुमाल से पूरी तरह ढक रखा था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को आरोपी की 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड सौंप दी है। इस दौरान जांच एजेंसी उससे सट्टा नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, हवाला चैनल्स और राजनीतिक तथा प्रशासनिक संरक्षण देने वाले चेहरों के बारे में गहनता से पूछताछ करेगी। अदालत के आदेश के मुताबिक अब उसे आगामी 12 नवंबर को दोबारा विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

#1 ओमान से प्रत्यर्पण के बाद कड़ी सुरक्षा में रायपुर कोर्ट पहुंचा सौरभ चंद्राकर

महादेव ऐप सिंडिकेट का मास्टरमाइंड माना जाने वाला सौरभ चंद्राकर पिछले काफी समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित चल रहा था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय के बाद ओमान सरकार ने उसे हिरासत में लिया था, जिसके बाद सीबीआई की विशेष टीम ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी कर उसे ओमान से भारत की जमीन पर कदम रखवाया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लाया गया। मंगलवार और बुधवार को हुई अदालती कार्रवाई के दौरान रायपुर स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मीडिया से मुंह छिपाते हुए और चेहरे पर रुमाल डाले जब सौरभ को अदालत कक्ष में लाया गया, तो वहां वकीलों और प्रशासनिक अमले की भारी भीड़ जमा थी।

#1 सीबीआई ने मांगी थी 10 दिन की रिमांड, कोर्ट ने मंजूर किए 8 दिन

रायपुर की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस अवैध सट्टेबाजी साम्राज्य के तार देश के बाहर कई देशों से जुड़े हुए हैं और इसके जरिए अर्जित काले धन को बड़े पैमाने पर हवाला के जरिए इधर-उधर किया गया है। एजेंसी ने मुख्य आरोपी से लंबी पूछताछ और नेटवर्क के अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए 10 दिनों की कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई को 8 दिनों की रिमांड की अनुमति प्रदान की। इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि रिमांड अवधि के दौरान तय नियमों के तहत आरोपी के वकील उससे मिल सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी और वकील भी इस दौरान अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने भी अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अर्जी दाखिल की है।

#1 भिलाई की साधारण दुकान से लेकर दुबई के शाही साम्राज्य तक की कहानी

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी स्थानीय स्तर पर मामूली दुकानों में काम किया करता था। लेकिन कुछ ही वर्षों में ऑनलाइन सट्टेबाजी के काले कारोबार और तकनीक के गलत इस्तेमाल से उसने ऐसा मायाजाल बुना कि वह देश के सबसे बड़े साइबर अपराधियों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया। दुबई में उसके द्वारा की गई सैकड़ों करोड़ रुपये की शाही शादी उस वक्त दुनिया भर की सुर्खियों में आई थी, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियों (ED और CBI) की नजर इस पर पड़ी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवैध कारोबार के जरिए कमाए गए धन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फिल्मी हस्तियों को रिझाने, पार्टियों के आयोजन और राजनीतिक संरक्षण हासिल करने के लिए किया गया था। अब देखना यह होगा कि 8 दिनों की इस कस्टोडियल पूछताछ में सौरभ चंद्राकर के मुंह से कौन-कौन से बड़े और चौकाने वाले नाम बाहर आते हैं।

#1 राजनीतिक गलियारों में गरमाई सियासत, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर उफान पर है। विपक्षी दलों और कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं कि मुख्य प्रमोटर के शिकंजे में आने के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सह-संस्थापक और नाम कब कानून के दायरे में लाए जाएंगे। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और भ्रष्टाचार तथा अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बहरहाल, 12 नवंबर को होने वाली अगली पेशी से पहले सीबीआई की यह पूछताछ देश के सबसे बड़े सट्टा घोटाले के कई अनसुलझे राज से पर्दा उठा सकती है।