निशिकांत दुबे के पंडित जवाहरलाल नेहरू पर दिए बयान से देश की राजनीति में भूचाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे द्वारा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों और ऐतिहासिक योगदान को लेकर दिए गए एक बयान ने देश के सियासी हलकों में बड़ा बवंडर खड़ा कर दिया है। संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक नेहरूवादी विचारधारा और ऐतिहासिक फैसलों पर निशाना साधने की भाजपा की रणनीति के बीच, कांग्रेस के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर बेहद आक्रामक और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। निशिकांत दुबे के बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भूपेश बघेल पूरी तरह से भड़क उठे। उन्होंने मीडिया के सामने बिना किसी लाग-लपेट के भाजपा सांसद पर सीधा हमला बोला और कहा, 'वह कितना बड़ा पागल आदमी है, जिसे देश के इतिहास और आधुनिक भारत के निर्माण की बुनियादी समझ तक नहीं है।' पूर्व मुख्यमंत्री के इस बेहद तल्ख और तीखे बयान के सामने आते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है।
'इतिहास का ज्ञान शून्य है', भूपेश बघेल ने पढ़ाया आधुनिक भारत और संस्थाओं के निर्माण का पाठ
रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित किया और भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार इतिहास को तोड़े-मरोड़े जाने के प्रयासों पर गहरी नाराजगी जताई। भूपेश बघेल ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ था, उस समय देश के पास न तो पर्याप्त खाद्यान्न था और ना ही आधुनिक वैज्ञानिक ढांचा। पंडित नेहरू ने ही देश में आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM), एम्स (AIIMS), इसरो (ISRO) की नींव रखी और भाखड़ा नांगल जैसे विशाल बांध बनाकर कृषि क्रांति का आधार तैयार किया। बघेल ने निशिकांत दुबे पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज बनी-बनाई संपत्तियों और संस्थानों को बेचने या उनका श्रेय लेने में लगे हैं, उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि शून्य से देश को खड़ा करने में कितना त्याग और दूरदर्शिता लगती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से इतिहास पढ़ने वाले नेता ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और आधुनिक भारत के निर्माताओं पर इस तरह की ओछी टिप्पणी कर सकते हैं।
स्वतंत्रता संग्राम और ऐतिहासिक तथ्यों पर कांग्रेस-भाजपा में छिड़ी नई जंग, राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया माहौल
निशिकांत दुबे के बयान और उस पर भूपेश बघेल के इस आक्रामक पलटवार ने एक बार फिर स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, पंडित नेहरू बनाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका और देश के नवनिर्माण के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। जहां एक तरफ भाजपा नेता लगातार नेहरू कालीन विदेश नीति, कश्मीर मुद्दे और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्हें ऐतिहासिक भूल बताते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी अपने महान नेताओं की विरासत और ऐतिहासिक तथ्यों की रक्षा के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। भूपेश बघेल के इस कड़े बयान के बाद भाजपा के कई प्रांतीय व राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने भी मोर्चेबंदी शुरू कर दी है और बघेल की भाषा शैली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का कहना है कि देश के पहले प्रधानमंत्री का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐतिहासिक तथ्यों के साथ ऐसे बयानों का करारा जवाब लगातार दिया जाता रहेगा।