कोरबा में यादव समाज की भव्य शोभायात्रा: जन्माष्टमी पर मंत्री देवांगन ने की भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और सांस्कृतिक गढ़ कहे जाने वाले कोरबा जिले में भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व इस बार अत्यंत भव्य, ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर के हर कोने में भक्ति की अनूठी बयार बह रही थी और चारों तरफ पारंपरिक उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा था। इस अवसर पर समस्त यादव समाज द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर को कृष्णमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और मयूर पंख के साथ सजे हुए पारंपरिक परिधानों में सराबोर समाज के लोगों का जोश देखते ही बनता था। इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मंत्री के आगमन और यादव समाज के इस महाआयोजन ने इस वर्ष की जन्माष्टमी को कोरबा के इतिहास में हमेशा के लिए अमर कर दिया है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उत्सव को यादगार बनाया।
पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा से सराबोर रही कोरबा की सड़कें, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर कोरबा की मुख्य सड़कें और चौराहे सुबह से ही सज-धज कर तैयार हो चुके थे। यादव समाज द्वारा निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और भगवान श्री कृष्ण की जीवन लीलाओं को दर्शाती हुई मनमोहक झांकियां थीं। जगह-जगह पर फूलों की वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जा रहा था, जिससे पूरा वातावरण भक्ति के रंगों में रंग गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के लोग इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए सड़कों पर उतर आए थे। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक गीत गाकर माहौल को पूरी तरह से वृंदावन जैसा पावन बना दिया। शोभायात्रा के मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, ताकि हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। समाज के लोगों का यह सामूहिक प्रयास आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा था, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे थे।
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली के लिए मांगी मन्नत
इस भव्य शोभायात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने विशेष रूप से पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के श्रीचरणों में माथा टेका और आरती की। मंत्री देवांगन ने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान की पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेश की उन्नति, किसानों की समृद्धि और हर घर में सुख-शांति बनी रहे ऐसी प्रार्थना की। इस दौरान यादव समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों ने मंत्री का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर और साफा बांधकर भव्य स्वागत किया। मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म, प्रेम और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यादव समाज की इस अनूठी पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवित रखने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का भी बड़ा माध्यम बनते हैं। मंत्री की इस उपस्थिति से कार्यक्रम में शामिल लोगों का उत्साह दोगुना हो गया और पूरा पंडाल 'जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा।
भगवान श्री कृष्ण के जयकारों से गूंजा पूरा शहर, माखन चोर की महिमा का हुआ गुणगान
शोभायात्रा जैसे-जैसे शहर के मुख्य मार्गों से आगे बढ़ी, वैसे-वैसे उसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का कारवां भी बढ़ता चला गया। हर तरफ बस एक ही गूंज सुनाई दे रही थी - 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की'। युवाओं ने डीजे की धुनों और पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन के साथ अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मार्ग के दोनों ओर खड़े दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला बढ़ाया। भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप और उनकी लीलाओं को याद करते हुए जगह-जगह पर दही-हांडी फोड़ने के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई थी, जिसने युवाओं में एक नया जोश भर दिया। रात के समय मंदिरों में विशेष झांकियों और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कोरबा में यादव समाज द्वारा आयोजित यह भव्य जन्माष्टमी महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसने सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में भी एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है, जिसकी चर्चा पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है।