घायलों को निकालने के लिए गैस कटर से काटी बस, खड़े ट्रक से हुई जोरदार टक्कर
सड़क सुरक्षा के तमाम दावों और सख्त नियमों के बावजूद देश के राजमार्गों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ तेज रफ्तार से जा रही एक यात्री बस सड़क किनारे खड़े खराब ट्रक से पीछे से जोर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर होकर ट्रक के भीतर घुस गया। हादसे के वक्त बस में सवार ज्यादातर यात्री नींद में थे, जिससे चीख-पुकार और कोहराम मच गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस के भीतर फंसे घायलों और शवों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और लोहे के भारी-भरकम ढांचे को गैस कटर से काटकर रास्ता बनाना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर खड़े वाहनों और तेज रफ्तार की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धमाके जैसी आवाज से गूंज उठा पूरा इलाका: नींद में सो रहे यात्रियों पर टूटा आफत का पहाड़
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह भीषण हादसा अल सुबह के समय हुआ जब बस अपनी पूरी रफ्तार में गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। हाईवे पर सड़क किनारे एक खराब ट्रक बिना किसी रिफ्लेक्टर या इमरजेंसी पार्किंग इंडिकेटर के खड़ा था। अंधेरा और तेज रफ्तार होने के कारण बस ड्राइवर समय रहते ब्रेक नहीं लगा सका और बस सीधे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके की ओर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। बस के अंदर का नजारा बेहद भयावह था; हर तरफ खून बिखरा हुआ था और यात्री सीटों के बीच फंसे हुए मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन बस का ढांचा बुरी तरह मुड़ चुका था, जिसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला।
गैस कटर से काटी गई बस की बॉडी: रेस्क्यू टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद निकाले घायल
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, आला अधिकारी और राहत-बचाव दल की गाड़ियां एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं। बस के अगले हिस्से में फंसे यात्रियों और चालक दल को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। इसके लिए प्रशासन ने तुरंत हाइड्रोलिक कटर और गैस कटर की व्यवस्था की। रेस्क्यू टीम के जवानों ने बेहद सावधानी के साथ बस की मेटल शीटों और सीटों को गैस कटर से काटना शुरू किया ताकि अंदर फंसे लोगों को और ज्यादा चोट न पहुंचे। लगभग दो से तीन घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 5 यात्रियों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 15 से अधिक गंभीर घायलों को बस से निकालकर तुरंत पास के जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें आईसीयू (ICU) में रखकर डॉक्टरों की टीम निरंतर निगरानी कर रही है।
हाईवे पर अवैध पार्किंग और रिफ्लेक्टर न होना हादसे की मुख्य वजह: पुलिस ने शुरू की जांच
शुरुआती पुलिस जांच में हादसे का मुख्य कारण सड़क किनारे खड़े ट्रक में सुरक्षा मानकों का पालन न होना और बस की अत्यधिक रफ्तार माना जा रहा है। नियमों के मुताबिक, यदि कोई वाहन हाईवे पर खराब होता है, तो उसके पीछे उचित दूरी पर रिफ्लेक्टर, रेड कोन या चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है ताकि पीछे से आने वाले वाहनों को दूर से ही खतरा दिखाई दे सके। हालांकि, इस मामले में ऐसा कोई सुरक्षा उपाय नहीं किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर यातायात को सुचारू कराया है। ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस ने अज्ञात चालकों के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतकों के परिवारों में मचा कोहराम: प्रशासन ने जताया गहरा दुख और दिए सहायता के निर्देश
इस हृदय विदारक दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में मातम पसर गया है। अस्पताल परिसर में पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और घायलों के मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया है। यह सड़क हादसा एक बार फिर यह कड़ा संदेश देता है कि हाईवे पर जरा सी लापरवाही कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन सकती है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक बार फिर मांग उठाई है कि हाईवे पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो।