पत्नी की बेरहमी से हत्या कर चुपचाप कर दिया अंतिम संस्कार, फिर थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट

पत्नी की बेरहमी से हत्या कर चुपचाप कर दिया अंतिम संस्कार, फिर थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अपराध जगत से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए हैं। प्यार और विश्वास के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर देने वाली यह घटना समाज को अंदर से झकझोर कर रख देती है। आमतौर पर जब घर का कोई सदस्य अचानक गायब हो जाता है, तो परिवार के लोग उसकी सलामती के लिए भगवान से दुआ मांगते हैं और पुलिस थाने के चक्कर काटते हैं। लेकिन इस मामले में जो सच सामने आया है, उसने इंसानियत के माथे पर कालिख पोत दी है। एक पति ने अपनी ही अर्धांगिनी को मौत के घाट उतार दिया और किसी को शक न हो, इसके लिए चुपचाप उसका अंतिम संस्कार भी कर डाला। इसके बाद खुद ही स्थानीय थाने में जाकर अपनी पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी और पिछले तीन महीनों से पुलिस और रिश्तेदारों के सामने मासूम बनकर उसे ढूंढने का नाटक कर रहा था। आखिरकार पुलिस की पैनी नजर और गहन तफ्तीश के आगे इस शातिर मुजरिम का झूठ टिक नहीं पाया और सच की परतें एक-एक कर बाहर आ गईं।

हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए रातों-रात किया अंतिम संस्कार

प्राप्त विवरण के अनुसार, आरोपी पति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद इस खौफनाक वारदात को एक सामान्य मौत या दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची थी। उसे इस बात का डर था कि यदि हत्या का राज खुल गया, तो वह सलाखों के पीछे पहुँच जाएगा, इसलिए उसने अत्यंत शातिर तरीके से बिना किसी को भनक लगे शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया। उसने पुलिस या मायके पक्ष को सूचना दिए बिना रात के अंधेरे में ही पत्नी का अंतिम संस्कार कर दिया ताकि शरीर पर मौजूद चोट के निशान और हत्या के सबूत पूरी तरह से नष्ट हो जाएं। इस सनसनीखेज साजिश को अंजाम देने के बाद उसने यह मान लिया था कि अब उसका सच कभी दुनिया के सामने नहीं आ पाएगा। अंतिम संस्कार करने के कुछ ही दिनों बाद उसने खुद थाने पहुंचकर यह नाटक शुरू कर दिया कि उसकी पत्नी अचानक घर से कहीं गायब हो गई है और वह उसे हर जगह तलाश रहा है।

तीन महीने तक पुलिस और परिवार को गुमराह करता रहा शातिर कातिल

पिछले तीन महीनों से यह आरोपी लगातार पुलिस अधिकारियों, अपने रिश्तेदारों और आसपास के पड़ोसियों को यह झूठी कहानी सुनाता रहा कि उसकी पत्नी बिना बताए कहीं चली गई है। वह पुलिस थाने जाकर बार-बार गुहार लगाता था कि उसकी गुमशुदा पत्नी की तलाश जल्द से जल्द की जाए, जिससे किसी को भी उसके पर शक करने की गुंजाइश न बचे। वह सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी लोगों से अपील करता फिरता था कि यदि किसी को उसकी पत्नी के बारे में कोई जानकारी मिले तो उसे सूचित करे। इस लंबे अंतराल के दौरान उसने पुलिस को कई बार भ्रामक दिशा में भटकाने का प्रयास किया ताकि जांच किसी और एंगल पर चली जाए। लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई से क्यों न जाल बिछाए, कोई न कोई ऐसा सुराग पीछे छूट ही जाता है जो उसकी पोल खोल देता है।

पुलिस की कड़ी पूछताछ में टूटा आरोपी पति, सच आते ही सब हैरान

जब पुलिस ने इस गुमशुदगी के मामले की तकनीकी और जमीनी स्तर पर गहराई से जांच शुरू की, तो कई ऐसे विरोधाभास सामने आए जिन्होंने पुलिस का माथा ठनक दिया। मृतका के मायके वालों ने भी उस पति के हाव-भाव और बयानों पर गहरी आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य संदिग्ध यानी उसी पति को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस ने अपने टफ इन्वेस्टिगेशन के तहत उससे मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हुए सवाल पूछे, तो वह शातिर पति ज्यादा देर तक अपने झूठ को छिपा नहीं सका। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए सारी सच्चाई पुलिस के सामने उगल दी, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी हैरान रह गए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और उसे अदालत में पेश कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिश्तों की आड़ में छिपे शैतान कभी न कभी कानून के शिकंजे में आ ही जाते हैं।