कहीं सुबह-शाम ठंडक का अहसास तो कहीं चिपचिपी उमस और गर्मी का टॉर्चर
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का सिलसिला अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन मौसम का यह संक्रमण काल अपने साथ मौसम के दोहरे रंग लेकर आया है। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मानसून के जाते ही सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन और ठंडक का अहसास होने लगा है, वहीं दूसरी तरफ देश के कई हिस्सों में आसमान साफ होने के कारण दिन के वक्त तेज धूप खिल रही है, जिसके चलते उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का मिजाज इसी तरह मिला-जुला रहने वाला है, जहाँ कहीं हल्की फुहारें तो कहीं साफ आसमान के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों में मानसून के इस जाने के बाद मौसम की चाल कैसी रहने वाली है और अगले 24 घंटों में आपके शहर का वेदर अपडेट क्या कहता है।
Monsoon Withdrawal and Weather Shift: मानसून की विदाई के बाद क्यों बदल जाता है अचानक मौसम का मिजाज और बढ़ता है तापमान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जब मानसून की विदाई होती है और हवाओं की दिशा बदलती है, तो वातावरण में नमी और तापमान के बीच एक संतुलन बिगड़ने लगता है। मानसून के दौरान लगातार बादलों की छांव और बारिश के कारण जो ठंडक बनी रहती है, वह मानसूनी बादलों के छंटते ही खत्म हो जाती है। आसमान के पूरी तरह साफ हो जाने के कारण सूरज की सीधी किरणें धरती पर पड़ती हैं, जिससे दिन के समय तापमान में अचानक हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। हालांकि, जैसे ही सूरज ढलता है, रात के वक्त साफ आसमान के जरिए धरती की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में वापस चली जाती है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है। इसी प्रक्रिया के कारण मानसून के जाते ही रातों और सुबह के समय अचानक हल्की ठंडक या सिहरन महसूस होने लगती है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत होती है कि अब धीरे-धीरे सर्दियों के मौसम की तरफ कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
Regional Weather Forecast: अगले 24 घंटों में किन इलाकों में सताएगी उमस भरी गर्मी और कहाँ मिलेगी ठंडी हवाओं से राहत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दिन के वक्त तेज धूप निकलने के कारण लोगों को हल्की उमس और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन शाम ढलते ही चलने वाली हल्की हवाएं राहत का अहसास कराएंगी। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों जैसे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों में अभी भी मानसूनी हवाओं के बचे-खुचे असर के कारण हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, पहाड़ी राज्यों यानी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे शिखरों पर न्यूनतम तापमान तेजी से गिरने लगा है, जिससे वहाँ आने वाले पर्यटकों को ठंड का अहसास साफ तौर पर होने लगा है।
Health and Lifestyle Precautions: मौसम के इस बदलाव के बीच सेहत का रखें खास ख्याल, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
मौसम में हो रहे इस लगातार बदलाव का सीधा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ रहा है, जिसके चलते अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। दिन के वक्त की तेज गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंडक के इस मिला-जुले माहौल में सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार, गले में खराश और संक्रमण जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में खानपान और अपने पहनावे का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सुबह और रात के वक्त हल्के गर्म कपड़े पहनना और फ्रिज के ठंडे पानी के सेवन से बचना इस मौसम की सबसे बड़ी सावधानी है। इसके अलावा, बदलते मौसम में इम्युनिटी को मजबूत रखने के लिए ताजा और पौष्टिक आहार के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है ताकि इस वेदर शिफ्ट के दौरान आप पूरी तरह स्वस्थ रह सकें।
Upcoming Winter Onset: सर्दियों के आगमन का संकेत दे रहा है यह अक्टूबर का महीना, जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
अक्टूबर महीने का यह दौर इस बात का गवाह है कि अब देश धीरे-धीरे मानसून के अध्याय को पीछे छोड़कर सर्दियों के सुहाने मौसम की ओर बढ़ रहा है। आने वाले कुछ ही हफ्तों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी सुबह के समय कोहरा, धुंध और कड़ाके की ठंड अपनी पूरी दस्तक देने लगेगी। पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर पड़ेगा, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग की हर गतिविधि पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है, और हम आपको आपके शहर के हर छोटे-बड़े वेदर अपडेट से लगातार रूबरू कराते रहेंगे ताकि आप बदलते मौसम के हिसाब से अपनी तैयारी पूरी रख सकें।