Chhattisgarh Police : अब रायपुर की पुलिस होगी और भी पावरफुल, 1 नवंबर से लागू हो रही है कमिश्नर प्रणाली, जानिए क्या-क्या बदलेगा

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News India Live, Digital Desk: राजधानी रायपुर की कानून-व्यवस्था में अब एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। सालों का इंतजार खत्म करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का फैसला कर लिया है। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर, 2025 यानी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के दिन से प्रभावी हो जाएगी। इस फैसले के बाद अब रायपुर की पुलिस पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली और आत्मनिर्भर हो जाएगी।

क्या है यह कमिश्नर प्रणाली और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

अभी तक रायपुर की पुलिस व्यवस्था पुरानी प्रणाली पर काम करती थी, जिसमें कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसले लेने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट यानी कलेक्टर के पास होता था। जैसे, किसी जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति देना हो, लाठीचार्ज का आदेश देना हो या फिर होटल-बार के लाइसेंस जारी करने हों, इन सब कामों के लिए पुलिस को कलेक्टर के आदेश का इंतजार करना पड़ता था।

लेकिन रायपुर जिस तेजी से बढ़ रहा है, यहां की आबादी और अपराध का तरीका भी बदला है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक ऐसी प्रणाली की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसमें पुलिस बिना किसी देरी के तुरंत और कड़े फैसले ले सके। पुलिस कमिश्नर प्रणाली ठीक यही काम करती है।

क्या होंगे बड़े बदलाव?

  1. पुलिस को मिलेंगे मजिस्ट्रेट के अधिकार: इस नई प्रणाली में पुलिस कमिश्नर (CP), एडिशनल कमिश्नर (Addl. CP) और डिप्टी कमिश्नर (DCP) स्तर के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल जाएंगी।
  2. कलेक्टर का दखल होगा खत्म: अब धरना, जुलूस, रैली की अनुमति देने जैसे फैसले पुलिस कमिश्नर अपने स्तर पर ही ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें कलेक्टर की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  3. त्वरित कार्रवाई: कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में पुलिस टीम मौके पर ही तुरंत फैसला ले सकेगी, जिससे हालात को बिगड़ने से पहले ही संभाला जा सकेगा।

कैसे लागू होगी यह प्रणाली?

इस बड़े बदलाव को जमीन पर उतारने के लिए DGP अशोक जुनेजा ने एक 7-सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के अध्यक्ष ADG प्रदीप गुप्ता होंगे। यह कमेटी तय करेगी कि कमिश्नर प्रणाली का ढांचा कैसा होगा, इसमें कितने अधिकारी और कर्मचारी होंगे, और इसके लिए कितना बजट लगेगा। कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

संक्षेप में कहें तो, यह फैसला रायपुर की पुलिसिंग का चेहरा पूरी तरह से बदलने वाला है। इसका मकसद शहर की जनता को एक ज्यादा सुरक्षित और बेहतर माहौल देना है, जहां अपराध पर लगाम लगे और कानून का राज कायम हो।