Chhattisgarh Police : बस्तर में अब बारूद की गंध नहीं, शांति की हवा बह रही है 2025 में 256 ढेर, 1500 ने की घर वापसी
News India Live, Digital Desk: जब भी छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) का नाम आता था, तो अक्सर मन में डर और जंगल में छिपे नक्सलियों की तस्वीर उभरती थी। लेकिन पिछला साल यानी 2025 इस डर को खत्म करने वाला साल साबित हुआ है। साल खत्म होने के साथ ही जो आंकड़े सामने आए हैं, वो बताते हैं कि बस्तर में अब बदलाव की बयार नहीं, बल्कि आंधी चल रही है।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों (Security Forces) और पुलिस के जवानों ने पिछले 12 महीनों में माओवादियों के खिलाफ ऐसा अभियान चलाया कि उनके हौसले पस्त हो गए हैं। यह साल नक्सलियों के लिए किसी काल से कम नहीं था।
आंकड़े देख चौंक जाएंगे आप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 में जवानों और पुलिस ने मिलकर अलग-अलग मुठभेड़ों (Encounters) में 256 नक्सलियों को मार गिराया है। यह अब तक के इतिहास में नक्सलियों को दिया गया सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। ये वो कमांडर और कैडर थे जो दशकों से जंगल में छिपकर सरकार को चुनौती दे रहे थे।
"अब हमें लड़ना नहीं, जीना है"
लेकिन बात सिर्फ गोलियों और एनकाउंटर की नहीं है। सबसे सुखद खबर ये है कि बड़ी संख्या में नक्सलियों का दिल बदला है। करीब 1500 से ज्यादा नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) किया है। इनमें से कई ऐसे हैं जिन पर लाखों का इनाम था। वे अब जंगल छोड़कर समाज की 'मुख्यधारा' में लौट आए हैं, अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और सरकार की पुनर्वास योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं।
इसके अलावा, पुलिस ने 1200 से ज्यादा माओवादी समर्थकों को गिरफ्तार भी किया है, जिससे उनका सप्लाई नेटवर्क पूरी तरह टूट गया है।
सरकार की रणनीति: घर में घुसकर मारा
इस बड़ी सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण है सुरक्षाबलों का डर निडर होकर आगे बढ़ना। पहले फोर्स जंगल के बाहरी इलाकों तक रहती थी, लेकिन अब उन्होंने नक्सलियों के कोर जोन (Core Zone) में जाकर अपने कैंप बना लिए हैं। अबूझमाड़ जैसे इलाकों में, जहाँ कभी परिंदा भी पर नहीं मारता था, अब तिरंगा लहरा रहा है। सड़कें बन रही हैं और विकास पहुँच रहा है।
कुल मिलाकर, 2025 बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक साल रहा। जवानों के हौसले बुलंद हैं और उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा। बस्तर अब अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाएगा, खौफ के लिए नहीं।