राजस्थान में गैस का भारी संकट कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग पर लगी अघोषित रोक शादी-ब्याह और होटलों पर मंडराया खतरा
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में शादियों के पीक सीजन और पर्यटन के व्यस्त समय के बीच एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने आम जनता और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान-इजरायल युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल के कारण तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नई बुकिंग पर अस्थाई रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के हजारों होटलों, रेस्टोरेंट्स और मैरिज गार्डन्स पर पड़ रहा है।
क्यों खड़ा हुआ यह संकट? (Root Cause of the Crisis)
वैश्विक तनाव: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते संघर्ष के कारण गैस आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित हुई है। भारत अपनी 50% से अधिक एलपीजी इन्हीं क्षेत्रों से आयात करता है।
घरेलू मांग को प्राथमिकता: केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का पूरा फोकस फिलहाल घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) की निर्बाध आपूर्ति पर है। इसके लिए कमर्शियल सप्लाई में कटौती की जा रही है।
ईसीए (ECA) लागू: कुछ रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत गैस सप्लाई को कैटेगराइज किया है, जिसमें कमर्शियल सेक्टर को निचली प्राथमिकता पर रखा गया है।
शादियों और कैटरिंग पर 'दोहरी मार'
मार्च और अप्रैल का महीना राजस्थान में शादियों के लिहाज से सबसे व्यस्त होता है। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से:
कैटरिंग हुई महंगी: सिलेंडर की कमी और बढ़ते दामों (करीब 115 रुपये की बढ़ोतरी) के कारण कैटरिंग और हलवाई कारोबारियों ने अपने रेट बढ़ा दिए हैं।
बरातियों की खातिरदारी में दिक्कत: कई मैरिज गार्डन्स में बुकिंग तो है, लेकिन खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है।
होटल इंडस्ट्री पर संकट: जयपुर और अन्य पर्यटन शहरों में करीब 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
क्या है सरकार और विभाग का पक्ष?
हालाँकि, राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई आधिकारिक प्रतिबंध (Official Ban) नहीं लगाया गया है। विभाग का कहना है कि:
यह केवल स्टॉक प्रबंधन (Stock Management) की प्रक्रिया है ताकि लोग बेवजह गैस की जमाखोरी न करें।
अस्पतालों और स्कूलों जैसे अति-आवश्यक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जा रही है।
तेल कंपनियों की एक हाई-लेवल कमेटी स्थिति पर नजर रखे हुए है और जल्द ही सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं के लिए नए नियम
किल्लत को देखते हुए रिफिल बुकिंग के नियमों में भी बदलाव की चर्चा है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले सिलेंडर की बुकिंग के 25 दिन बाद ही नया रिफिल ऑर्डर करने की अनुमति मिल सकती है, जो पहले 21 दिन थी।