Chhattisgarh : ED की एक और स्ट्राइक महादेव सट्टेबाजी कांड में पाई-पाई का हिसाब मांग रही जांच एजेंसियां

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News India Live, Digital Desk : आजकल हम अक्सर टीवी और अखबारों में महादेव ऐप (Mahadev Betting App) का नाम सुनते हैं। कहने को तो यह एक सट्टेबाजी ऐप था, लेकिन इसके पीछे जो करोड़ों-अरबों का काला खेल चल रहा था, उसे सुनकर किसी का भी सिर चकरा जाए। ताज़ा खबर यह है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में एक और बड़ा एक्शन लेते हुए 91.82 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क (Attach) कर लिया है।

91 करोड़ की ये रकम कोई मामूली नहीं है। ये उन लोगों की गाढ़ी कमाई या गलत तरीके से जमा की गई दौलत है, जिसे सट्टेबाजी के अवैध कारोबार के ज़रिए इकट्ठा किया गया था।

ये कुर्क (Attach) करना क्या होता है?
आसान शब्दों में समझें तो अब इस संपत्ति का इस्तेमाल इसके मालिक नहीं कर पाएंगे। न ही इसे बेचा जा सकता है और न ही कहीं ट्रांसफर किया जा सकता है। ईडी ने एक तरह से इन पर 'सरकारी ताला' लगा दिया है। ये सारी संपत्तियां छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें सट्टे के काले कारोबार का हिस्सा माना जा रहा है।

महादेव ऐप का वो 'खतरनाक' नेटवर्क
ये पूरा मामला पिछले काफी समय से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों की राजनीति और क्राइम की दुनिया में शोर मचा रहा है। इस ऐप के ज़रिए दुबई में बैठकर खेल खेला जा रहा था, और भारत के छोटे-छोटे शहरों में एजेंट बनाकर लोगों को जुआ और सट्टेबाजी की लत लगाई जा रही थी। ईडी की जांच में सामने आया कि ये पैसे महज़ खेल के नहीं थे, बल्कि इनके तार मनी लॉन्ड्रिंग (पैसों की हेराफेरी) से भी जुड़े थे।

सिर्फ पैसे नहीं, विलासिता पर भी गिरी गाज
कुर्क की गई इन संपत्तियों में पॉश इलाकों के मकान, कीमती जमींने और बैंकों में जमा भारी-भरकम राशि शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये संपत्तियां 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध से होने वाली कमाई) हैं। मतलब, जिस पैसे का स्रोत ही गैरकानूनी हो, उसे कानून अपनी गिरफ्त में ले ही लेता है।

क्या आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई?
बिल्कुल! आज (8 जनवरी 2026) के ताजा हालात को देखें तो जांच का घेरा उन बड़े चेहरों और प्रभावशाली लोगों तक भी पहुँच रहा है, जिन्होंने परदे के पीछे से इस ऐप को संरक्षण दिया। महादेव ऐप मामला एक बड़ी चेतावनी है उन लोगों के लिए जो ये सोचते हैं कि ऑनलाइन दुनिया में कानून से छिपकर कोई भी गंदा काम किया जा सकता है।