Chhattisgarh Bird Flu Alert: बिलासपुर में बर्ड फ्लू का तांडव सरकारी पोल्ट्री फार्म में 4,400 मुर्गियों की मौत
News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) के प्रकोप से हड़कंप मच गया है। शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र (Government Poultry Farm) में बीते कुछ दिनों के भीतर करीब 4,400 मुर्गियों की रहस्यमयी मौत हो गई है। भोपाल स्थित प्रयोगशाला (NIHSAD) से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के आसपास सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
5 दिन में साफ हो गया पूरा फार्म, भोपाल लैब ने की पुष्टि पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, कोनी स्थित इस सरकारी फार्म में कुल 5,037 मुर्गियां थीं। 19 मार्च से 24 मार्च के बीच अचानक संक्रमण फैला और देखते ही देखते 4,400 मुर्गियों ने दम तोड़ दिया। विभाग ने मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल और पुणे भेजे थे। मंगलवार देर रात भोपाल लैब ने H5N1 (एवियन इन्फ्लुएंजा) वायरस की पुष्टि कर दी। रिपोर्ट आते ही पूरे प्रक्षेत्र को सील कर दिया गया है।
1 KM 'संक्रमित' और 10 KM 'निगरानी' क्षेत्र घोषित कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े आदेश जारी किए हैं:
इन्फेक्टेड जोन: फार्म के 1 किलोमीटर के दायरे को 'संक्रमित क्षेत्र' घोषित किया गया है। यहाँ मौजूद शेष पक्षियों, अंडों और चारे (Feed) को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (Culling) किया जाएगा।
सर्विलांस जोन: फार्म के 1 से 10 किलोमीटर के दायरे को 'निगरानी क्षेत्र' बनाया गया है। इस पूरे क्षेत्र में मुर्गियों और अंडों की बिक्री, परिवहन और प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
होटल और ढाबों पर नजर: प्रशासन ने चिकन दुकानों और होटल-ढाबों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात, कर्मचारियों की भी होगी जांच संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) तैनात की गई हैं, जो पीपीई किट पहनकर कलिंग और सैनिटाइजेशन का काम कर रही हैं। इसके साथ ही, पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की भी सघन जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी व्यक्ति में सर्दी-खांसी या फ्लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत उनका सैंपल लेकर एंटी-वायरल दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, सतर्क रहें जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि फिलहाल पोल्ट्री उत्पादों के सेवन में सावधानी बरतें और किसी भी पक्षी की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें। राहत की बात यह है कि अभी तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रभावित पोल्ट्री मालिकों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।