चीटिंग या चतुराई? शाकिब ने बताया कैसे उन्होंने गलत एक्शन से गेंदबाजी की और कोई पकड़ नहीं पाया
News India Live, Digital Desk: हम सब जानते हैं कि क्रिकेट को 'जेंटलमैन गेम' कहा जाता है, लेकिन बांग्लादेश के सुपरस्टार शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) अक्सर इन किताबी बातों से दूर ही रहते हैं। मैदान पर अंपायर से लड़ना हो या स्टंप्स उखाड़ फेंकना, शाकिब हमेशा सुर्ख़ियों में रहते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने जो कहा है, उसे सुनकर अच्छे-अच्छे क्रिकेट पंडितों के पसीने छूट गए हैं।
जी हाँ, शाकिब ने खुलेआम मान लिया है कि उन्होंने अपने करियर में एक-दो बार नहीं, बल्कि जानबूझकर गलत (Illegal) बॉलिंग एक्शन का इस्तेमाल किया था।
"हाँ, मैंने वो गेंदें 'थ्रो' की थीं..."
हम आम भाषा में जिसे 'बट्टा बॉल' या 'चकिंग' कहते हैं, शाकिब ने वही करने की बात कबूली है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बिना किसी हिचकिचाहट के बताया कि कैसे उन्होंने अपनी कोहनी को नियमों से ज्यादा मोड़कर गेंदें फेंकीं।
उन्होंने एक वाकया शेयर करते हुए कहा, "मैंने जानबूझकर ऐसा किया। मैं देखना चाहता था कि मुझे कितनी मदद मिलती है। सच कहूँ तो उस एक गेंद पर मुझे जबरदस्त टर्न मिला था।" यह किस्सा शायद बीपीएल (BPL) या किसी इंटरनेशनल मैच का है।
शाकिब को डर क्यों नहीं लगा?
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि एक इंटरनैशनल खिलाड़ी ऐसा करने की हिम्मत कैसे कर सकता है? इस पर शाकिब का जवाब और भी ज्यादा हैरान करने वाला था। उनका मानना था कि अंपायर्स उनके कद के खिलाड़ी को इतनी आसानी से 'नो-बॉल' (No Ball) नहीं देंगे।
उन्होंने बताया, "मुझे पता था कि अंपायर मुझे कॉल नहीं करेंगे। अगर मैं एक या दो गेंदें ऐसी डाल भी दूँ, तो वो इग्नोर कर देंगे।" यानी, उन्होंने सिस्टम की कमी का पूरा फायदा उठाया।
क्या है 15 डिग्री का नियम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ICC के नियमों के मुताबिक, गेंदबाज अपनी कोहनी को 15 डिग्री से ज्यादा नहीं मोड़ सकता। अगर इससे ज्यादा मुड़ती है, तो वो 'इललीगल एक्शन' माना जाता है। लेकिन शाकिब ने माना कि उन्होंने इससे कहीं ज्यादा कोहनी मोड़ी थी सिर्फ ये चेक करने के लिए कि गेंद कितनी घूमती है।
निडरता या ओवरकॉन्फिडेंस?
शाकिब के इस बयान ने बहस छेड़ दी है। कुछ फैंस इसे उनकी ईमानदारी कह रहे हैं कि कम से कम सच तो बोला, वहीं कुछ लोग इसे खेल भावना के खिलाफ मान रहे हैं। लेकिन एक बात तो तय है शाकिब अल हसन जैसा कोई दूसरा नहीं। वो जानते हैं कि सुर्ख़ियों में कैसे रहना है, चाहे बल्ले से हो या बयानों से।
अब सवाल यह है कि क्या ICC या अंपायर्स इस खुलासे के बाद पुरानी फाइलों को फिर से खोलेंगे? शायद नहीं, लेकिन फैंस को मशाला जरूर मिल गया है!