बाबा साहेब के नाम पर होगा चतरा का नया विश्वविद्यालय, CM हेमंत सोरेन की बड़ी घोषणा शिक्षा और विकास की मिलेगी नई रफ्तार

Post

News India Live, Digital Desk : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चतरा जिले के ईटखोरी में आयोजित एक जनसभा के दौरान घोषणा की है कि चतरा में बनने वाले नए विश्वविद्यालय का नाम 'बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय' होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम न केवल शिक्षा के प्रसार के लिए है, बल्कि पिछड़ों और दलितों के मसीहा बाबा साहेब के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम भी है।

1. चतरा विश्वविद्यालय: छात्रों का इंतजार खत्म

चतरा जिला लंबे समय से एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय की मांग कर रहा था। वर्तमान में यहाँ के कॉलेज हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के अंतर्गत आते हैं, जिससे छात्रों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

क्षेत्रीय लाभ: नए विश्वविद्यालय से चतरा के अलावा लातेहार और पलामू प्रमंडल के कुछ हिस्सों के छात्रों को भी लाभ होगा।

उच्च शिक्षा: मुख्यमंत्री ने वादा किया कि इस विश्वविद्यालय में आधुनिक लैब, पुस्तकालय और शोध (Research) की बेहतर सुविधाएं होंगी।

2. मुख्यमंत्री का संबोधन: विकास और रोजगार पर जोर

ईटखोरी में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की कई उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का जिक्र किया:

अबुआ आवास योजना: मुख्यमंत्री ने कई लाभार्थियों को 'अबुआ आवास' की स्वीकृति पत्र सौंपे और कहा कि राज्य सरकार हर गरीब को पक्का मकान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना: शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने बालिकाओं को दी जाने वाली सहायता राशि के बारे में जानकारी दी।

स्थानीय रोजगार: उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को निजी और सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करना है।

3. 'खतियानी' पहचान और सामाजिक न्याय

हेमंत सोरेन ने अपने भाषण में 'खतियानी जोहार' का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन की रक्षा करने वाली और बाबा साहेब के संविधान के मूल्यों पर चलने वाली सरकार है। अंबेडकर के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण उसी सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है।

4. चतरा के लिए अन्य विकास योजनाएं

विश्वविद्यालय के अलावा, मुख्यमंत्री ने जिले में कई अन्य योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया:

सड़कों और पुलों का जाल बिछाने के लिए नए फंड का आवंटन।

पेयजल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष निर्देश।

ईटखोरी महोत्सव और पर्यटन स्थल के रूप में इसके विकास पर चर्चा।