बोकारो में हाथियों का तांडव एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचला, पति-पत्नी और मासूम बच्चे की मौत
News India Live, Digital Desk: झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। शुक्रवार की भोर में एक हाथी ने बस्ती में घुसकर भारी तबाही मचाई। इस दौरान हाथी ने एक घर को निशाना बनाया और वहां सो रहे पति, पत्नी और उनके बच्चे को बेरहमी से कुचल दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
1. घटना का विवरण (The Tragic Incident)
जानकारी के अनुसार, यह घटना गोमिया के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके की है।
हमले का समय: हाथी जंगल से निकलकर तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच गांव में घुसा था।
कोई संभलने का मौका नहीं मिला: परिवार अपने कच्चे घर में सो रहा था। हाथी ने घर की दीवार गिरा दी और अंदर मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
चीख-पुकार: शोर सुनकर जब तक ग्रामीण इकट्ठा हुए और हाथी को भगाने की कोशिश की, तब तक परिवार खत्म हो चुका था।
2. वन विभाग के प्रति आक्रोश
इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि:
हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा है, लेकिन वन विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए।
हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त टॉर्च है और न ही पटाखे।
ग्रामीणों ने शवों को उठाने से रोक दिया और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
3. मुआवजे और सुरक्षा की मांग
प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश कर रही है। सरकार के नियमों के अनुसार:
जंगली जानवर के हमले में मृत्यु होने पर परिजनों को 4 लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवजे का प्रावधान है।
विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हाथी को ट्रैक करने के लिए विशेष टीम (Expert Trackers) बुलाई जा रही है।
4. झारखंड में बढ़ता 'मैन-एनिमल कॉन्फ्लिक्ट'
झारखंड के बोकारो, लोहर्डगा और लातेहार जैसे जिलों में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष (Human-Elephant Conflict) एक गंभीर समस्या बन चुका है। जंगल कम होने और हाथियों के कॉरिडोर (Corridors) में मानवीय हस्तक्षेप बढ़ने के कारण ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं।