कुदरत का कोहराम जमीन ऐसे हिली जैसे कोई जलजला आ गया हो, लद्दाख भूकंप की पूरी कहानी जानें

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News India Live, Digital Desk: जब हम और आप शायद अपनी सुबह की चाय का लुत्फ उठा रहे थे, तब भारत का यह खूबसूरत हिस्सा 5.7 तीव्रता (Magnitude) के शक्तिशाली भूकंप के झटकों से कांप रहा था। धरती हिलने का अहसास इतना तेज था कि लोग डर के मारे अपने घरों और दुकानों से बाहर सड़कों पर आ गए।

भूकंप कब और कहाँ आया?
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, यह जलजला सुबह करीब 11:26 बजे महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र (Epicenter) लेह-लद्दाख के पास ही जमीन के काफी नीचे था।

5.7 तीव्रता का भूकंप कोई छोटा-मोटा नहीं होता। अक्सर इतने तेज झटकों में दीवारों में दरारें आ जाती हैं या पुरानी इमारतें गिर जाती हैं। खासकर पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड (Landslide) का खतरा भी बढ़ जाता है।

राहत की बात: कोई नुकसान नहीं
इसे भगवान का चमत्कार कहें या वहां के लोगों की किस्मत, इतने तेज झटके के बावजूद अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। न तो कोई घर गिरा और न ही कोई घायल हुआ।

फिर भी, एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तैयार हैं। क्योंकि कई बार बड़े भूकंप के बाद छोटे-छोटे झटके (Aftershocks) आते रहते हैं, जो नुकसान पहुंचा सकते हैं।

हमें क्या सीखना चाहिए?
लद्दाख और हिमालय का पूरा क्षेत्र वैसे भी भूकंप के लिहाज से बहुत संवेदनशील (Sensitive Zone) है। यह घटना एक याद दिलाने वाली घंटी है कि हम प्रकृति के सामने कितने बेबस हैं।
अगर आप भी कभी ऐसी स्थिति में फंस जाएं, तो पैनिक न करें, किसी मेज के नीचे छिप जाएं या खुले मैदान में भागें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!