राजस्थान में कोहराम सड़क किनारे चल रहे जत्थे पर गिरा ट्रक, भगवान के दर्शन को निकले भक्त अब कभी नहीं लौटेंगे
News India Live, Digital Desk : राजस्थान से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए। जो लोग भगवान के दर्शन के लिए, अपने और अपने परिवार की खुशहाली की मन्नतें लेकर घर से निकले थे, उन्हें क्या पता था कि वे अपनी मंज़िल तक कभी पहुंच ही नहीं पाएंगे।
प्रदेश के सवाई माधोपुर जिले (जहाँ प्रसिद्ध चौथ माता का मंदिर है) के रास्ते में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसने तीन परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। एक बेकाबू ट्रक ने पैदल जा रहे श्रद्धालुओं (पदयात्रियों) के जत्थे को अपनी चपेट में ले लिया।
भजन-कीर्तन करते जा रहे थे, तभी...
खबरों के मुताबिक, श्रद्धालुओं का एक समूह आस्था और उत्साह के साथ चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता मंदिर (Chauth Mata Temple) की तरफ पैदल जा रहा था। वे सड़क किनारे चल रहे थे। तभी अचानक एक तेज रफ़्तार ट्रक (ट्रोला) आया। ट्रक की रफ़्तार शायद इतनी तेज थी कि ड्राइवर उस पर काबू नहीं रख पाया।
देखते ही देखते वो विशालकाय ट्रक लहराया और सीधे श्रद्धालुओं के जत्थे के ऊपर पलट गया। किसी को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला। जो भजन कुछ पल पहले सुनाई दे रहे थे, वो अचानक चीख-पुकार और कराहने की आवाज़ों में बदल गए।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसा इतना भयानक था कि ट्रक के नीचे दबने से 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहां मौजूद अन्य यात्री और राहगीर घबरा गए। उन्होंने तुरंत मदद की गुहार लगाई। पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया गया।
ट्रक के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना एक मुश्किल काम था। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मृतकों के शवों को देखकर उनके साथियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस कर रही है जांच
स्थानीय पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। प्राथमिक तौर पर इसे ड्राइवर की लापरवाही या ओवरस्पीडिंग का मामला माना जा रहा है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या कोहरा या कोई तकनीकी खराबी इस हादसे की वजह थी।
एक सवाल सिस्टम और सुरक्षा पर
हर साल न जाने कितने पदयात्री सड़क हादसों का शिकार होते हैं। भक्त अपनी आस्था में चलते हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ते भारी वाहन अक्सर 'यमराज' बन जाते हैं। प्रशासन को पदयात्राओं के लिए सुरक्षित रास्ता या भारी वाहनों पर सख्त नियम बनाने की जरूरत है, ताकि फिर किसी भक्त की यात्रा अधूरी न रहे।