Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण के बाद घर के मंदिर को कैसे करें शुद्ध? इन नियमों का पालन है जरूरी

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News India Live, Digital Desk : शास्त्र कहते हैं कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा से मूर्तियों और पूजा सामग्री की पवित्रता प्रभावित होती है। इसलिए, ग्रहण के मोक्ष (समाप्त) होने के तुरंत बाद घर की शुद्धि की जानी चाहिए।

1. मंदिर और मूर्तियों की शुद्धि के 5 चरण

गंगाजल का छिड़काव: ग्रहण खत्म होते ही सबसे पहले पूरे मंदिर और घर में गंगाजल का छिड़काव करें। गंगाजल को हिंदू धर्म में परम शुद्ध माना गया है।

मूर्तियों का अभिषेक: यदि आपके पास धातु (पीतल, तांबा या चांदी) की मूर्तियां हैं, तो उन्हें गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं।

वस्त्र बदलें: मूर्तियों को स्नान कराने के बाद उन्हें नए या धुले हुए साफ वस्त्र पहनाएं। ग्रहण के समय पहने हुए वस्त्रों को अशुद्ध माना जाता है।

यंत्रों की सफाई: मंदिर में रखे श्रीयंत्र या अन्य यंत्रों को भी साफ पानी और गंगाजल से धोना चाहिए।

पुरानी सामग्री हटा दें: मंदिर में चढ़े हुए पुराने फूल, माला या भोग को हटाकर विसर्जित कर दें और नया भोग लगाएं।

2. सूतक काल में मूर्तियों को न छुएं

याद रखें कि ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है। सूतक के दौरान मंदिर के पट बंद कर देने चाहिए या पर्दा डाल देना चाहिए। इस दौरान मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है।

3. घर की सफाई और स्नान का महत्व

सिर्फ मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरे घर को शुद्ध करना आवश्यक है:

स्वयं का स्नान: ग्रहण समाप्त होने के तुरंत बाद व्यक्ति को खुद भी स्नान करना चाहिए। स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाना शुभ होता है।

जनेऊ और वस्त्र: यदि संभव हो, तो ग्रहण के बाद पहने हुए पुराने वस्त्रों का त्याग करें या उन्हें अच्छी तरह धोएं। जनेऊ धारण करने वालों को नया जनेऊ पहनना चाहिए।

भोजन की शुद्धि: ग्रहण से पहले पके हुए भोजन में यदि तुलसी के पत्ते नहीं डाले गए थे, तो उसे ग्रहण के बाद नहीं खाना चाहिए। ताजा भोजन बनाना ही उत्तम है।

4. दान का विशेष फल

शुद्धिकरण के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है। चंद्र ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं जैसे— चावल, दूध, चीनी या सफेद कपड़ों का दान करने से चंद्रमा के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

[Image showing a person donating white goods after Lunar Eclipse]

5. चंद्र ग्रहण 2026 का समय (Quick Info)

तारीख: 3 मार्च 2026

प्रकार: पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse)

प्रभाव: ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और मानसिक पूजा का विशेष महत्व होता है।