Chaitra Purnima 2026 : आज रात करें दूध और अक्षत का ये महाउपाय, छप्पर फाड़ बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
News India Live, Digital Desk: हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) की पहली पूर्णिमा यानी चैत्र पूर्णिमा आज, 2 अप्रैल 2026 को पूरे उल्लास के साथ मनाई जा रही है। खास बात यह है कि इसी पावन दिन हनुमान जन्मोत्सव का अद्भुत संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। ऐसे में आज की रात चंद्र दोष दूर करने और धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बेहद फलदायी मानी जाती है। अगर आप भी मानसिक शांति, बेहतर स्वास्थ्य और घर में सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो आज रात कुछ विशेष उपाय आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
चंद्र दोष मुक्ति के लिए अर्घ्य देने का सही समय और विधि पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल की सुबह 07:06 बजे हो चुकी है, जिसका समापन 2 अप्रैल की सुबह 07:41 बजे होगा। पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की विशेष पूजा का विधान है। शाम के समय जब चंद्रोदय हो, तो एक चांदी या तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। इस जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत (साबुत चावल), सफेद पुष्प और हल्की सी चीनी मिला लें। इस पवित्र जल से चंद्रमा के दर्शन करते हुए उन्हें धीरे-धीरे अर्घ्य दें।
चंद्रमा के इन प्रभावशाली मंत्रों का करें जाप चंद्र देव को अर्घ्य अर्पित करते समय पूरी श्रद्धा के साथ “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का उच्चारण करें। अर्घ्य देने के बाद वहीं खड़े होकर हाथ जोड़ें और अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। शास्त्रों में चंद्रमा के कुछ अन्य चमत्कारी मंत्र भी बताए गए हैं, जिनका आज रात जाप करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है:
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नमः
ॐ क्लीं सोम मंत्राय नमः
ॐ नमः शशांकशेखराय
ॐ नवग्रहयुताय नमः
ॐ शम् शम शमाय नमः
निशिता काल में करें धन की देवी की विशेष पूजा चैत्र पूर्णिमा की रात केवल चंद्र देव ही नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी की अपार कृपा पाने के लिए भी अबूझ मुहूर्त लेकर आती है। मध्य रात्रि (निशिता काल) में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। धन की देवी को केसर युक्त खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही श्री कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और माता की आरती उतारें। मान्यता है कि पूर्णिमा की रात सच्चे मन से की गई मां लक्ष्मी की आराधना से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और जीवन से दरिद्रता का नाश होता है।