CEC ज्ञानेश कुमार की कुर्सी खतरे में? विपक्ष ला रहा है अविश्वास प्रस्ताव, चुनाव आयोग में मचेगा हड़कंप

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News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। विपक्षी गठबंधन 'INDIA' अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ मोर्चा खोलने की पूरी तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने की कानूनी और राजनीतिक संभावनाओं को टटोल रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास की एक बड़ी घटना होगी।

क्यों निशाने पर आए मुख्य चुनाव आयुक्त?

विपक्षी दलों का आरोप है कि हाल के घटनाक्रमों और चुनावी प्रक्रियाओं में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही है। विपक्ष ने कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं:

EVM और VVPAT विवाद: विपक्ष का दावा है कि आयोग ने मशीनों की पारदर्शिता पर उनके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

पक्षपात का आरोप: चुनावी रैलियों में हेट स्पीच और आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई न करने को लेकर भी CEC विपक्ष के निशाने पर हैं।

संवैधानिक मर्यादा: विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्था की गरिमा दांव पर लगी है।

क्या CEC को हटाना इतना आसान है? (संवैधानिक प्रक्रिया)

भारत के संविधान के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए वही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है जो सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए होती है:

संसद में प्रस्ताव: लोकसभा या राज्यसभा में महाभियोग जैसा प्रस्ताव लाना होगा।

विशेष बहुमत: संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई (2/3) बहुमत से इसे पास होना अनिवार्य है।

राष्ट्रपति की मंजूरी: संसद से पास होने के बाद ही राष्ट्रपति उन्हें पदमुक्त कर सकते हैं।

सरकार और विपक्ष के बीच आर-पार की जंग

जहाँ विपक्ष इसे 'लोकतंत्र बचाने की लड़ाई' बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे 'संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश' करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही विपक्ष के पास संख्या बल कम हो, लेकिन यह कदम सरकार पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति है।