देश में गैस किल्लत की आशंका पर सरकार का बड़ा कदम जानें क्या है ESMA और आवश्यक वस्तु अधिनियम का नया नियम
News India Live, Digital Desk: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण भारत सरकार ने 9-10 मार्च 2026 को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस (14.2kg) की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए औद्योगिक गैस के स्टॉक को घरेलू पूल में डायवर्ट किया जा रहा है।
सरकार का बड़ा फैसला: क्या हैं नए निर्देश?
रिफाइनरियों को आदेश: पेट्रोलियम मंत्रालय ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन (Propane & Butane) का उपयोग पेट्रोकेमिकल बनाने के बजाय केवल LPG उत्पादन के लिए करें।
घरेलू गैस पहली प्राथमिकता: उत्पादित की जाने वाली अतिरिक्त गैस केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन प्रमुख तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को दी जाएगी।
बुकिंग में बदलाव: घबराहट में की जा रही 'पैनिक बुकिंग' को रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
ESMA बनाम Essential Commodities Act: अंतर समझें
अक्सर लोग इन दोनों कानूनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका और उद्देश्य अलग हैं:
| पहलू | आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) | एस्मा (ESMA - Essential Services Maintenance Act) |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | वस्तुओं (जैसे अनाज, तेल, गैस) के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करना। | आवश्यक सेवाओं (जैसे बिजली, पानी, परिवहन, अस्पताल) को सुचारू रखना। |
| किस पर लगाम? | यह जमाखोरी (Hoarding), कालाबाजारी और स्टॉक लिमिट से संबंधित है। | यह कर्मचारियों की हड़ताल (Strike) और काम रोकने पर पाबंदी लगाता है। |
| LPG संकट में भूमिका | सरकार ने इस एक्ट के तहत रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और स्टॉक मैनेज करने का आदेश दिया है। | यदि गैस वितरण से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तब सरकार 'एस्मा' लगाकर उन्हें काम पर लौटने के लिए मजबूर कर सकती है। |
| सजा | नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और सामान की जब्ती हो सकती है। | एस्मा उल्लंघन पर पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है और जेल हो सकती है। |
आम जनता के लिए क्या है राहत की खबर?
पर्याप्त स्टॉक: सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त गैस स्टॉक है। पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं है।
नए आयात सौदे: भारत ने अमेरिका के गल्फ कोस्ट से 2.2 मिलियन टन एलपीजी आयात करने का समझौता किया है, जो 2026 में आना शुरू हो गया है। इससे मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम होगी।
कमर्शियल सप्लाई पर रोक: होटलों और रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई को अस्थाई रूप से सीमित किया गया है ताकि घरों की रसोई ठंडी न पड़े।