Captain Amarinder Singh : कैप्टन परिवार पर ED का शिकंजा विदेशी संपत्ति मामले में अमरिंदर और बेटे रणइंदर को समन
News India Live, Digital Desk : पंजाब की राजनीति के दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए फरवरी 2026 की शुरुआत कानूनी चुनौतियों के साथ हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के आरोपों में कैप्टन और उनके बेटे रणइंदर सिंह को जालंधर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है।
ED की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
ताजा समन के अनुसार, दोनों को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था:
कैप्टन अमरिंदर सिंह: उन्हें 12 फरवरी 2026 को पेश होना था। हालांकि, उन्होंने घुटने की सर्जरी (Knee Surgery) के कारण मोहाली के एक अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए नई तारीख की मांग की है।
रणइंदर सिंह: उन्हें 13 फरवरी 2026 को पेश होने के लिए कहा गया है। रणइंदर ने सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट किया है कि वे एक कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
विवाद की जड़: क्या है यह पूरा मामला?
यह मामला काफी पुराना है और 2011 में फ्रांस सरकार से मिली 'क्रेडिबल इंफॉर्मेशन' और 'मास्टर शीट्स' पर आधारित है।
अघोषित विदेशी संपत्ति: आयकर विभाग का आरोप है कि कैप्टन अमरिंदर और उनके बेटे विदेशों में, विशेष रूप से स्विट्जरलैंड (HSBC बैंक) और दुबई में अघोषित संपत्ति के लाभार्थी (Beneficiaries) हैं।
जैकरांडा ट्रस्ट (Jacaranda Trust): जांच एजेंसियों का दावा है कि विदेशी धन का लेन-देन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और अन्य देशों में स्थित 'जैकरांडा ट्रस्ट' और इसकी सहायक कंपनियों के माध्यम से किया गया था।
झूठा हलफनामा: आयकर विभाग ने 2016 में लुधियाना की अदालत में शिकायत दर्ज की थी कि परिवार ने अपनी विदेशी संपत्तियों के बारे में जानकारी छिपाई और शपथ पत्र पर गलत जानकारी दी।
हाई कोर्ट से मिली ED को 'हरी झंडी'
हाल ही में सितंबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया था:
कोर्ट ने कैप्टन और उनके बेटे की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिनमें ED को आयकर विभाग के दस्तावेजों (Chargesheet) की जांच करने से रोकने की मांग की गई थी।
अदालत ने साफ कहा कि ED एक वैधानिक संस्था है और उसे जांच के लिए न्यायिक रिकॉर्ड देखने का पूरा अधिकार है। इसी आदेश के बाद ED ने अब ताजा समन जारी कर कार्रवाई तेज कर दी है।
कैप्टन का पक्ष
कैप्टन अमरिंदर सिंह शुरू से ही इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताते आए हैं। उनका कहना है कि आयकर विभाग उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत जुटाने में नाकाम रहा है और वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।