EPF खाताधारक सावधान: शादी या बच्चे के जन्म के बाद तुरंत अपडेट करें ई-नॉमिनेशन, वरना अटक सकती है पेंशन और ₹7 लाख का मुफ्त बीमा
नई दिल्ली। नौकरीपेशा कर्मचारियों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित भविष्य निधि (PF) खाता एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी नौकरी की शुरुआत में कुंवारे रहने के दौरान अपने माता-पिता या भाई-बहन को पीएफ खाते में नॉमिनी (Nominee) बना देते हैं। इसके बाद विवाह होने या बच्चे के जन्म के बाद वे अपने पारिवारिक विवरण और नॉमिनेशन में बदलाव करना भूल जाते हैं। ईपीएफओ के वैधानिक नियमों के अनुसार, वैवाहिक स्थिति बदलने या परिवार में नए सदस्य (बच्चे) के आगमन के तुरंत बाद पीएफ खाते में ई-नॉमिनेशन (E-Nomination) को संशोधित करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा न करने पर किसी अनहोनी की स्थिति में आपके जीवनसाथी और बच्चों के लिए जमा पीएफ राशि, मासिक पेंशन और लाखों रुपये का मुफ्त जीवन बीमा क्लेम करना बेहद जटिल और कानूनी झंझटों से भरा हो सकता है।
शादी के बाद पुराना नॉमिनेशन हो जाता है अमान्य: ईपीएफओ का स्पष्ट नियम
कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के पैरा 61 के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार:
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विवाह से पहले का नॉमिनेशन स्वतः अमान्य: यदि किसी सदस्य ने अविवाहित रहते हुए किसी अन्य रिश्तेदार के नाम पर नॉमिनेशन किया था, तो विवाह होते ही वह पुराना नामांकन कानूनन निष्प्रभावी (Invalid) हो जाता है।
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परिवार की वैधानिक परिभाषा: ईपीएफओ नियमों में पुरुष सदस्य के लिए परिवार का अर्थ 'पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व बच्चे' है। वहीं महिला सदस्य के लिए इसका अर्थ 'पति, बच्चे, आश्रित सास-ससुर/माता-पिता' है।
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बाहरी व्यक्ति का नामांकन अवैध: यदि किसी सदस्य का वैधानिक परिवार मौजूद है, तो वह परिवार से बाहर किसी तीसरे व्यक्ति को कानूनी रूप से नामांकित नहीं कर सकता। यदि ऐसा किया भी जाता है, तो वह अमान्य माना जाता है।
नॉमिनेशन अपडेट न होने पर क्या-क्या रुक सकता है?
यदि खाते में सही और अद्यतन नॉमिनेशन दर्ज नहीं है, तो परिवार को इन तीन बड़े वित्तीय लाभों से वंचित होना पड़ सकता है:
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₹7 लाख तक का मुफ्त जीवन बीमा (EDLI Scheme): ईपीएफओ के प्रत्येक सक्रिय अंशधारक को 'कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना' (EDLI) के तहत स्वतः ₹2.5 लाख से लेकर अधिकतम ₹7 लाख तक का जीवन बीमा कवर बिना किसी प्रीमियम के मिलता है। यदि नॉमिनी अपडेट नहीं है, तो परिवार को कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट (उत्तराधिकार प्रमाण पत्र) लाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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ईपीएस-95 के तहत विधवा/अनाथ पेंशन (Widow & Children Pension): कर्मचारी पेंशन योजना के तहत आश्रित जीवनसाथी को आजीवन मासिक विधवा/विधुर पेंशन और 25 वर्ष की आयु तक दो बच्चों को नियमित बाल पेंशन (Children Pension) मिलती है। रिकॉर्ड अपडेट न होने पर यह प्रक्रिया महीनों तक अटक जाती है।
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पीएफ फंड की त्वरित निकासी: वैध ई-नॉमिनेशन होने पर आश्रित व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म 10D/20 सबमिट कर सकते हैं, जिसके तहत राशि कुछ ही कार्यदिवसों में सीधे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।
घर बैठे ई-नॉमिनेशन अपडेट करने की आसान ऑनलाइन प्रक्रिया
ईपीएफओ ने अपने मेंबर सेवा पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर आधारित ई-नॉमिनेशन की सुविधा दी हुई है। इसे इन आसान चरणों में पूरा किया जा सकता है:
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ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं।
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अपना 12 अंकों का यूएएन (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।
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मुख्य मेन्यू में 'Manage' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन सूची से 'E-Nomination' चुनें।
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स्क्रीन पर 'Family Declaration' का विकल्प आएगा; यदि परिवार है तो 'Yes' पर क्लिक करें।
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इसके बाद अपने जीवनसाथी और बच्चों का विवरण जोड़ें (उनका नाम, जन्म तिथि, लिंग, संबंध, वर्तमान पता, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें)।
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'Nomination Details' में जाकर तय करें कि आप कुल फंड का कितना प्रतिशत हिस्सा (जैसे पत्नी को 50%, बच्चे को 50% या पत्नी को 100%) देना चाहते हैं।
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'Save EPF Nomination' पर क्लिक करें।
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अंत में 'e-Sign' विकल्प पर क्लिक करें और आधार वर्चुअल आईडी (VID) दर्ज करके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए डिजिटल हस्ताक्षर सत्यापित करें।
ओटीपी सत्यापन पूरा होते ही आपका नया ई-नॉमिनेशन आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो जाता है। इसमें किसी भी तरह के भौतिक दस्तावेज अपने नियोक्ता (कंपनी) को भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।