Wife संग पोस्ट ऑफिस में खोलें यह स्पेशल खाता, हर 3 महीने में सीधे बैंक में आएंगे ₹28,699, देखें पूरा कैलकुलेशन
नई दिल्ली। आज के दौर में जब शेयर बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है और म्यूचुअल फंड में बाजार का जोखिम हमेशा बना रहता है, तब एक आम नौकरीपेशा या मध्यमवर्गीय परिवार ऐसी निवेश योजनाओं की तलाश में रहता है जहां उसका मूलधन सौ फीसदी सुरक्षित रहे और हर महीने या तिमाही एक बंधी-बंधाई आमदनी घर आती रहे। अगर आप भी अपनी धर्मपत्नी के साथ मिलकर भविष्य के लिए एक स्थिर और जोखिम मुक्त वित्तीय योजना तैयार करना चाहते हैं, तो डाकघर की बचत योजनाएं आपके लिए एक सुरक्षित विकल्प बन सकती हैं। भारतीय डाक विभाग यानी पोस्ट ऑफिस केंद्र सरकार के संरक्षण में ऐसी शानदार योजनाएं संचालित करता है, जिनमें एकमुश्त निवेश करने पर आपको हर महीने या हर तिमाही गारंटीड रिटर्न दिया जाता है। इस समय पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम और सीनियर सिटीजन बचत योजना को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें संयुक्त रूप से खाता खोलकर हर तीन महीने में ₹28,699 तक की निश्चित रकम सीधे बैंक खाते में हासिल की जा सकती है।
पोस्ट ऑफिस की इस सुरक्षित योजना का आधार और पति-पत्नी का जॉइंट अकाउंट
भारतीय डाकघर की इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें जमा किए गए एक-एक पैसे पर भारत सरकार की संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) होती है, जिसके चलते इसमें बैंक के डूबने या बाजार के गिरने जैसा कोई वित्तीय जोखिम नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति अकेले खाता खोलता है तो उसके लिए जमा सीमा कम होती है, लेकिन अपनी पत्नी के साथ मिलकर 'जॉइंट लाइफ' विकल्प चुनते ही निवेश की अधिकतम सीमा दोगुनी से भी अधिक हो जाती है। यह खाता देश के किसी भी प्रधान डाकघर या उप-डाकघर में जाकर बहुत ही आसानी से खुलवाया जा सकता है। इसमें पति और पत्नी दोनों को खाते में बराबर का हकदार माना जाता है और तय अंतराल पर मिलने वाला ब्याज सीधे उनके बचत खाते में स्वतः ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों, गृहणियों और मध्यम आय वर्ग के लोगों को एक ऐसा मासिक या त्रैमासिक वित्तीय संबल प्रदान करना है जिससे उनके रोजमर्रा के घरेलू खर्च, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की स्कूल फीस या दवाइयों के खर्च बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से निकलते रहें।
हर 3 महीने में ₹28,699 आने का गणित: समझिए पूरा सटीक कैलकुलेशन
अक्सर सोशल मीडिया और वित्तीय पोर्टलों पर यह सवाल पूछा जाता है कि आखिर वह कौन सा आंकड़ा और फॉर्मूला है जिसके तहत हर तिमाही लगभग ₹28,699 की रकम खाते में आती है। इसके पीछे दो मुख्य सरकारी योजनाओं का वित्तीय संयोजन काम करता है। पहली योजना है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS), जिसकी वर्तमान ब्याज दर 7.4 प्रतिशत वार्षिक है। इस योजना में पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट के तहत अधिकतम ₹15,00,000 की राशि एकमुश्त जमा कर सकते हैं। जब आप पंद्रह लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो 7.4 फीसदी की दर से एक साल का कुल ब्याज ₹1,11,000 बनता है। इसे बारह महीनों में विभाजित करें तो हर महीने ₹9,250 का भुगतान सीधे आपके खाते में आता है, जो तीन महीने यानी एक तिमाही में कुल ₹27,750 बनता है।
वहीं दूसरी ओर, यदि परिवार में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक दंपत्ति हैं और वे पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) का लाभ उठाते हैं, तो वहां ब्याज दर 8.2 प्रतिशत वार्षिक मिलती है और भुगतान हर तिमाही के अंत में किया जाता है। यदि कोई दंपत्ति लगभग ₹14,00,000 की राशि 8.2 फीसदी की ब्याज दर पर संयुक्त रूप से जमा करता है, तो सालाना कुल ब्याज ₹1,14,800 बनता है। इसे जब साल की चार तिमाहियों में बराबर बांटा जाता है, तो हर तीन महीने में शुद्ध ₹28,700 की रकम बैंक खाते में क्रेडिट होती है। इसके अलावा कई निवेशक डाकघर की 5 वर्षीय टर्म डिपॉजिट या POMIS से मिलने वाले मासिक ब्याज को पांच साल की आरडी (RD) में ऑटो-डेबिट कराकर चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ लेते हैं, जिससे 3 महीने का प्रभावी रिटर्न बढ़कर ₹28,699 के स्तर तक पहुंच जाता है।
5 साल की अवधि और मूलधन की शत-प्रतिशत सुरक्षा
डाकघर की इस बचत योजना की परिपक्वता अवधि (Maturity Period) 5 वर्ष निर्धारित की गई है। इसका मतलब यह है कि एक बार आपने अपनी पत्नी के साथ मिलकर पैसा जमा कर दिया, तो अगले पांच सालों तक ब्याज दर में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का आपके रिटर्न पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भले ही भविष्य में रिजर्व बैंक रेपो रेट घटा दे या बैंक अपने फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें कम कर दें, आपके खाते पर वही ब्याज दर लागू रहेगी जिस दर पर आपने खाता खोला था। पांच साल पूरे होने पर आपका पूरा मूलधन यानी पूरी जमा पूंजी बिना किसी कटौती के आपको वापस सौंप दी जाती है। यदि आप चाहें तो 5 साल बाद इस खाते को आगे के पांच सालों के लिए दोबारा नवीनीकृत (Renew) भी करवा सकते हैं।
प्री-मैच्योर विड्रॉल और खाता बंद करने के नियम
जीवन में कभी भी किसी अप्रत्याशित मेडिकल इमरजेंसी या बड़े खर्च की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए डाकघर ने इस योजना में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा भी दी है। हालांकि सरकार यह सलाह देती है कि पूरे 5 साल तक निवेश बनाए रखना ही सबसे फायदेमंद होता है, लेकिन आपात स्थिति में इन नियमों का पालन किया जाता है: खाता खुलने की तारीख से एक साल पूरा होने से पहले आप इसमें से कोई भी पैसा नहीं निकाल सकते। यदि खाता 1 साल से 3 साल के बीच बंद किया जाता है, तो आपके कुल मूलधन में से 2 प्रतिशत की कटौती की जाती है और शेष रकम आपको लौटा दी जाती है। यदि खाता 3 साल पूरा होने के बाद और 5 साल से पहले बंद किया जाता है, तो मूलधन में से मात्र 1 प्रतिशत की मामूली कटौती की जाती है। खाताधारक की असामयिक मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में खाता तुरंत बंद किया जा सकता है और पूरी मूलधन राशि कानूनी उत्तराधिकारी या नॉमिनी को बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाती है।
खाता खोलने के लिए जरूरी पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई भी भारतीय नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक आयु का है, पात्र माना जाता है। अपनी पत्नी के साथ संयुक्त खाता खोलने के लिए आपको अपने नजदीकी डाकघर में जाकर फॉर्म भरना होता है। इसके साथ दोनों खाताधारकों के पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड (PAN Card) और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त आपके पास पोस्ट ऑफिस का एक सक्रिय बचत खाता (Savings Account) होना चाहिए ताकि हर महीने या तिमाही आने वाला ब्याज बिना किसी रुकावट के सीधे उस बचत खाते में जमा हो सके और आप एटीएम कार्ड या चेकबुक के जरिए उसे कभी भी निकाल सकें।