ATM से सिर्फ कैश ही नहीं निकलता: घर बैठे बैंक जाने का झंझट खत्म, चुटकियों में निपटेंगे ये 14 जरूरी काम; जानिए कौन-सी नई सर्विस हुई शुरू
अधिकांश आम उपभोक्ताओं के लिए ऑटोमेटेड टेलर मशीन (ATM) का मतलब सिर्फ जेब खर्च के लिए नकदी निकालना या खाते का बैलेंस चेक करना भर होता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैंकिंग व्यवस्था और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एटीएम मशीनों को पूरी तरह हाई-टेक 'सेल्फ-सर्विस कियोस्क' में बदल दिया है। आज के समय में बैंक ब्रांच में लंबी कतारों में लगने, फॉर्म भरने या टोकन के इंतजार की बिल्कुल जरूरत नहीं है। एटीएम मशीनों पर अब लगभग डेढ़ दर्जन ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से आप बैंक कर्मचारियों की मदद के बिना अपने बड़े-बड़े वित्तीय काम 24x7 कभी भी निपटा सकते हैं।
कल ही शुरू हुई नई सर्विस: इंटरऑपरेबल कार्डलेस कैश डिपॉजिट (ICCD via UPI)
बैंकिंग क्षेत्र में हाल ही में जो सबसे क्रांतिकारी सुविधा पूरी तरह लाइव हुई है, वह है यूपीआई आधारित इंटरऑपरेबल कैश डिपॉजिट (ICCD)।
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अब तक बिना डेबिट कार्ड के केवल अपने ही बैंक के कैश डिपॉजिट मशीन (CDM/CRM) में सीमित पैसे जमा किए जा सकते थे।
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नई व्यवस्था के तहत अब ग्राहक किसी भी बैंक के कैश रिसाइक्लर एटीएम (Cash Recycler Machine) पर जाकर स्क्रीन पर दिखने वाले UPI QR कोड को स्कैन करके सीधे नकदी जमा कर सकते हैं।
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इसके लिए पर्स में डेबिट कार्ड लेकर चलने की कोई मजबूरी नहीं है। मोबाइल से क्यूआर स्कैन करते ही मशीन का स्लॉट खुलता है, पैसे अंदर जाते हैं और रकम सीधे आपके बैंक खाते में रियल-टाइम क्रेडिट हो जाती है।
एटीएम पर होने वाले 14 बड़े और जरूरी काम
यदि आप अब भी इन सुविधाओं के लिए बैंक ब्रांच के चक्कर काटते हैं, तो जान लें कि नजदीकी एटीएम कियोस्क पर कौन-से काम आसानी से हो जाते हैं:
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1. नई चेकबुक के लिए आवेदन (Cheque Book Request): जब भी आपकी चेकबुक खत्म होने वाली हो, एटीएम में कार्ड स्वाइप करें, 'सर्विसेज' मेन्यू में जाएं और 'रिक्वेस्ट न्यू चेकबुक' चुनें। 3 से 5 कार्यदिवसों के भीतर चेकबुक आपके रजिस्टर्ड पते पर डाक से पहुंच जाएगी।
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2. पिन जनरेशन और ग्रीन पिन रीसेट: नया डेबिट कार्ड मिलने पर ब्रांच जाने या बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करने की जरूरत नहीं है। एटीएम मशीन पर 'जनरेट ग्रीन पिन' या 'ओटीपी बेस्ड पिन' विकल्प चुनकर तुरंत नया पिन सेट या पुराना पिन रीसेट किया जा सकता है।
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3. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खोलना: देश के प्रमुख सरकारी व निजी बैंक (जैसे SBI, ICICI, HDFC) अपने एटीएम पर सीधी FD बुकिंग की सुविधा देते हैं। आप स्क्रीन पर अवधि और ब्याज दर देखकर बचत खाते से सीधे एफडी में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।
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4. मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग रजिस्ट्रेशन: यदि आपने अब तक नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप एक्टिवेट नहीं किया है, तो एटीएम के 'रजिस्ट्रेशन' सेक्शन में जाकर अपना यूजर आईडी एक्टिवेट कर सकते हैं और पासवर्ड बना सकते हैं।
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5. क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान: यदि आपके पास उसी बैंक का क्रेडिट कार्ड है, तो आप एटीएम मशीन के माध्यम से अपने बचत खाते से क्रेडिट कार्ड के बकाए का तुरंत भुगतान कर सकते हैं।
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6. मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट: यदि आपका पुराना नंबर बैंक रिकॉर्ड में दर्ज है, तो कई बैंक एटीएम पर बायोमेट्रिक या पुराने पिन के जरिए मोबाइल नंबर अपडेट करने की अनुमति देते हैं।
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7. कार्ड-टू-कार्ड फंड ट्रांसफर: यदि आपको किसी रिश्तेदार या दोस्त को तुरंत पैसे भेजने हैं और आपके पास उनका बैंक अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड नहीं है, तो सिर्फ उनके 16 अंकों वाले डेबिट कार्ड नंबर के जरिए आप एक एटीएम से दूसरे एटीएम कार्ड में ₹40,000 तक ट्रांसफर कर सकते हैं।
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8. पर्सनल लोन के लिए प्री-अप्रूव्ड ऑफर और अप्लाई: कई बैंक अपने चुनिंदा और अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को एटीएम स्क्रीन पर प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर दिखाते हैं। स्क्रीन पर कुछ आसान चरणों में मंजूरी देकर लोन की राशि तुरंत खाते में क्रेडिट कराई जा सकती है।
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9. यूटिलिटी बिल पेमेंट (बिजली, पानी, गैस): अधिकांश एटीएम पर 'बिल पे' का विकल्प होता है, जिसके जरिए आप अपने राज्य के बिजली बोर्ड, म्यूनिसिपल टैक्स और लैंडलाइन टेलीफोन के बिलों का भुगतान सीधे कर सकते हैं।
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10. लाइफ इंश्योरेंस (LIC) प्रीमियम का भुगतान: एलआईसी और कई निजी बीमा कंपनियों के प्रीमियम का भुगतान एटीएम के जरिए किया जा सकता है। इसके लिए केवल पॉलिसी नंबर दर्ज करना होता है और रसीद तुरंत मशीन से निकल आती है।
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11. इनकम टैक्स का एडवांस पेमेंट: कई बड़े बैंकों के एटीएम पर अग्रिम आयकर (Advance Tax), सेल्फ असेसमेंट टैक्स या टीडीएस का भुगतान करने की सुविधा मौजूद होती है। चालान नंबर जनरेट होकर स्लिप के रूप में मिल जाता है।
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12. मंदिर, ट्रस्ट और राहत कोष में दान (Donations): तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, शिर्डी साईं बाबा ट्रस्ट और पीएम राष्ट्रीय राहत कोष जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए एटीएम पर सीधे डोनेशन का विकल्प होता है। दान की रसीद टैक्स छूट के लिए मान्य होती है।
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13. मिनी स्टेटमेंट और अकाउंट समरी: पासबुक प्रिंटिंग के लिए लाइन में लगने के बजाय एटीएम से तुरंत 'मिनी स्टेटमेंट' निकाल सकते हैं, जिसमें पिछले 10 लेन-देन का ब्योरा तारीख और शेष राशि के साथ प्रिंट होकर मिल जाता है।
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14. कार्डलेस कैश विड्रॉल (UPI ATM): बिना कार्ड के सिर्फ भीम, गूगल पे, फोनपे या पेटीएम के क्यूआर कोड को एटीएम स्क्रीन पर स्कैन करके कैश निकालना अब देश भर के अधिकांश एटीएम पर सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है।
सुरक्षित लेन-देन के लिए इन सावधानियों का रखें ध्यान
एटीएम पर इतनी सारी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है:
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स्क्रीन पर अपना पिन दर्ज करते समय कीपैड को हमेशा दूसरे हाथ से ढक लें ताकि कोई हिडन कैमरा या पीछे खड़ा व्यक्ति आपका पिन न देख सके।
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लेन-देन पूरा होने के बाद हमेशा 'Cancel' बटन दबाएं और स्क्रीन पर वेलकम स्क्रीन आने का इंतजार करें।
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मशीन से निकलने वाली पर्ची को कभी भी एटीएम रूम के कूड़ेदान में न फेंकें क्योंकि उस पर आपके खाते का विवरण हो सकता है।