कार लेनी है.. कौन सी लूं और कितना करूं खर्च? जानिए सैलरी के हिसाब से 20/4/10 का जादुई फॉर्मूला; 10 सटीक कैलकुलेशन से समझें पूरा बजट
मध्यमवर्गीय परिवार हो या कॉर्पोरेट प्रोफेशनल, अपनी खुद की कार खरीदना हर किसी का बड़ा सपना होता है। लेकिन अक्सर लोग शोरूम में जाकर या बैंकों के 100% ऑन-रोड फाइनेंस के लुभावने विज्ञापनों में फंसकर अपनी औकात से कहीं बड़ी कार खरीद लेते हैं। नतीजा यह होता है कि अगले 5 से 7 साल तक उनकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ कार की ईएमआई भरने में चला जाता है और निवेश या इमरजेंसी फंड के लिए एक रुपया नहीं बचता।
कार एक 'डेप्रिशिएटिंग एसेट' (घटती हुई संपत्ति) है, जो शोरूम से बाहर निकलते ही अपनी कीमत का 15% से 20% गंवा देती है। इसलिए समझदारी इसी में है कि कार उतनी ही महंगी खरीदी जाए, जो आपके रहन-सहन और बचत पर भारी न पड़े।
क्या है कार खरीदने का गोल्डन '20/4/10 नियम'?
दुनिया भर के वित्तीय सलाहकार और वेल्थ प्लानर्स कार खरीदने के लिए 20/4/10 फॉर्मूले को सबसे सुरक्षित मानते हैं:
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20 (20% डाउन पेमेंट): कार की कुल ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20% से 30% हिस्सा आपको अपनी जेब (बचत) से डाउन पेमेंट करना चाहिए। शून्य डाउन पेमेंट पर गाड़ी लेना भारी ब्याज का जाल बन जाता है।
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4 (4 साल का लोन टेन्योर): कार लोन की अवधि अधिकतम 4 वर्ष (48 महीने) ही होनी चाहिए। 5 से 7 साल के लंबे लोन में आप कार की आधी कीमत जितना केवल बैंक को ब्याज भर देते हैं।
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10 (10% मंथली बजट): कार की मासिक ईएमआई (और आदर्श रूप से पेट्रोल व मेंटेनेंस मिलाकर कुल वाहन खर्च) आपकी मासिक नेट इन-हैंड सैलरी के 10% से 15% से अधिक कभी नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही एक दूसरा लोकप्रिय नियम '50% एनुअल इनकम रूल' है, जिसके अनुसार कार की कुल ऑन-रोड कीमत आपकी सालाना कुल इन-हैंड कमाई के 50% से 60% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सैलरी के हिसाब से 10 सटीक कैलकुलेशन: आपके बजट में कौन-सी कार फिट?
(नोट: नीचे दी गई गणनाएं 4 वर्ष के लोन टेन्योर और लगभग 9% से 9.5% की कार लोन ब्याज दर पर आधारित एक व्यावहारिक रोडमैप हैं)
| क्र.सं. | मासिक इन-हैंड सैलरी | सुरक्षित कार बजट (ऑन-रोड) | डाउन पेमेंट (लगभग) | 4 साल की संभावित EMI | उपयुक्त कार विकल्प |
| 1 | ₹30,000 | ₹2.5 लाख से ₹3.5 लाख | ₹60,000 | ₹5,500 - ₹6,500 | सर्टिफाइड सेकंड हैंड कार (WagonR, Alto, Santro) |
| 2 | ₹40,000 | ₹4.5 लाख से ₹5.5 लाख | ₹1.0 लाख | ₹8,000 - ₹9,500 | Maruti Alto K10, S-Presso, Renault Kwid |
| 3 | ₹50,000 | ₹6 लाख से ₹7.5 लाख | ₹1.5 लाख | ₹10,500 - ₹12,500 | WagonR, Tata Tiago, Hyundai Grand i10 Nios |
| 4 | ₹75,000 | ₹8.5 लाख से ₹10.5 लाख | ₹2.0 लाख | ₹15,000 - ₹17,500 | Maruti Baleno, Swift, Tata Altroz, Punch |
| 5 | ₹1,00,000 | ₹11 लाख से ₹13.5 लाख | ₹2.5 लाख | ₹20,000 - ₹23,500 | Maruti Brezza, Hyundai Venue, Kia Sonet, Nexon |
| 6 | ₹1,25,000 | ₹14 लाख से ₹16.5 लाख | ₹3.5 लाख | ₹24,000 - ₹27,000 | Hyundai Creta (Base/Mid), Kia Seltos, Grand Vitara |
| 7 | ₹1,50,000 | ₹17 लाख से ₹20 लाख | ₹4.0 लाख | ₹30,000 - ₹34,000 | Creta Top, Scorpio-N, Mahindra XUV700, Honda City |
| 8 | ₹2,00,000 | ₹22 लाख से ₹25 लाख | ₹5.0 लाख | ₹38,000 - ₹43,000 | Tata Safari, Harrier, Toyota Innova Hycross |
| 9 | ₹2,50,000 | ₹27 लाख से ₹32 लाख | ₹6.5 लाख | ₹48,000 - ₹54,000 | Jeep Compass, Hyundai Tucson, BYD Atto 3 |
| 10 | ₹3,00,000+ | ₹35 लाख से ₹45 लाख | ₹9.0 लाख | ₹60,000 - ₹75,000 | Toyota Fortuner, Skoda Kodiaq, Entry Luxury EV |
कार की 'छिपी हुई लागत': EMI के अलावा ये 4 खर्च भी जोड़ें
शोरूम में कार खरीदते समय सेल्स एग्जीक्यूटिव सिर्फ ईएमआई बताता है, लेकिन असलियत में कार रखने का मासिक खर्च ईएमआई से 40% से 50% अधिक होता है:
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ईंधन खर्च (Fuel/Charging): यदि आप रोजाना 30 से 40 किमी गाड़ी चलाते हैं, तो महीने का पेट्रोल-डीजल खर्च ₹5,000 से ₹8,000 तक आसानी से पहुंच जाता है।
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सालाना इंश्योरेंस: नई गाड़ियों का कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस हर साल ₹20,000 से ₹50,000 तक का वार्षिक झटका देता है।
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नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस: साल में दो बार सर्विसिंग, इंजन ऑयल, वाशिंग और वियर-टीयर पार्ट्स का खर्च औसतन ₹10,000 से ₹25,000 बैठता है।
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पार्किंग और टोल: सोसाइटी पार्किंग चार्ज, ऑफिस पार्किंग और फास्टैग टोल मिलाकर महीने में ₹1,500 से ₹3,000 अतिरिक्त खर्च होते हैं।
शोरूम जाने से पहले खुद से पूछें ये 3 सवाल
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क्या मेरे पास 6 महीने का इमरजेंसी फंड सुरक्षित है? यदि कार का डाउन पेमेंट देने के बाद आपका बैंक बैलेंस खाली हो रहा है, तो अभी कार खरीदने का फैसला टाल दें।
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क्या मेरी मंथली एसआईपी (SIP) बंद तो नहीं होगी? यदि कार की ईएमआई भरने के लिए आपको अपने भविष्य का निवेश या पीपीएफ रोकना पड़ रहा है, तो आप वह कार अफोर्ड नहीं कर सकते।
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क्या यह 'जरूरत' है या केवल 'दिखावा'? यदि आपकी रनिंग महीने में 200-300 किमी से कम है, तो खुद की नई कार खरीदने के बजाय कैब (Uber/Ola) या रेंटल कार इस्तेमाल करना लाखों रुपये की सीधी बचत कराता है।