अब ATM से सिर्फ कैश ही नहीं, निकलेगा नया Debit Card भी! 2 मिनट में मशीन से मिलेगा एक्टिवेटेड कार्ड; जानें प्रोसेस और फायदे

अब ATM से सिर्फ कैश ही नहीं, निकलेगा नया Debit Card भी! 2 मिनट में मशीन से मिलेगा एक्टिवेटेड कार्ड; जानें प्रोसेस और फायदे

नया बैंक खाता खुलवाने या मौजूदा डेबिट कार्ड के खो जाने, टूटने अथवा एक्सपायर होने पर ग्राहकों को सबसे बड़ी परेशानी यह होती थी कि नए प्लास्टिक कार्ड के लिए 7 से 10 दिनों तक डाक या कूरियर का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब बैंकिंग सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव आ चुका है। भारतीय बैंकों ने सेल्फ-सर्विस बैंकिंग को अगले स्तर पर ले जाते हुए कार्ड डिस्पेंसिंग कियोस्क / स्मार्ट एटीएम (Instant Debit Card Dispenser Kiosk) की सुविधा शुरू कर दी है।

अब ग्राहकों को न तो बैंक ब्रांच के फॉर्म भरने की जरूरत है और न ही पोस्टमैन की राह देखने की। जिस तरह एटीएम मशीन से नकदी निकलती है, ठीक उसी तरह यह मशीन मात्र 2 मिनट में आपका नया और एक्टिवेटेड डेबिट कार्ड बाहर निकाल कर दे देगी।

कैसे काम करती है यह सर्विस? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

एटीएम या कार्ड डिस्पेंसर कियोस्क से इंस्टेंट डेबिट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद सुरक्षित, पेपरलेस और तेज है:

  • स्टेप 1: मशीन पर जाएं और विकल्प चुनें: बैंक के ई-कॉर्नर या कियोस्क पर जाएं और स्क्रीन पर 'Instant Debit Card Issuance / Re-issue' विकल्प पर टैप करें।

  • स्टेप 2: अकाउंट व आधार नंबर दर्ज करें: स्क्रीन पर अपना 11 या 12 अंकों का बैंक खाता नंबर या 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।

  • स्टेप 3: बायोमेट्रिक या ओटीपी ऑथेंटिकेशन: सुरक्षा सत्यापन के लिए मशीन पर लगे फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपना अंगूठा रखें अथवा आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला 6 अंकों का ओटीपी (One Time Password) दर्ज करें।

  • स्टेप 4: कार्ड वेरिएंट का चयन: स्क्रीन पर आपको उपलब्ध डेबिट कार्ड्स (RuPay, Visa या Mastercard) और उनके प्रकार (क्लासिक, प्लेटिनम) दिखाई देंगे। अपनी जरूरत के अनुसार कार्ड चुनें।

  • स्टेप 5: कार्ड प्रिंटिंग और डिस्पेंसिंग: कुछ ही सेकंडों में मशीन के भीतर मौजूद थर्मल प्रिंटर कार्ड पर आपका नाम और विवरण प्रिंट/एंबॉस करता है। इसके बाद डिस्पेंसर स्लॉट से आपका नया डेबिट कार्ड सीधे बाहर आ जाता है।

  • स्टेप 6: ग्रीन पिन सेट करें: उसी मशीन पर तुरंत 'जनरेट पिन' विकल्प का उपयोग करके अपने नए कार्ड का 4 अंकों का गुप्त पिन सेट करें। कार्ड तुरंत सक्रिय (Active) हो जाता है और आप उससे उसी समय लेन-देन शुरू कर सकते हैं।

ग्राहकों को क्या-क्या होगा सीधा फायदा?

इस नई तकनीक के शुरू होने से आम खाताधारकों को कई स्तरों पर बड़ी राहत मिलेगी:

  • 1. शून्य प्रतीक्षा समय (Zero Waiting Time): पहले नया कार्ड स्पीड पोस्ट से आने में एक से दो हफ्ते का समय लगता था। अब यह काम बिना किसी देरी के हाथ के हाथ 2 से 3 मिनट में पूरा हो जाता है।

  • 2. डिलीवरी फ्रॉड और कार्ड चोरी का खतरा खत्म: कूरियर के जरिए कार्ड भेजे जाने पर पैकेट के खो जाने, गलत पते पर डिलीवर होने या रास्ते में कार्ड क्लोनिंग/इंटरसेप्शन का जोखिम रहता था। मशीन से सीधे कार्ड मिलने से यह खतरा 100% खत्म हो जाता है।

  • 3. इमरजेंसी में तुरंत बैकअप: यदि आपका कार्ड अचानक खो जाता है या एटीएम में फंस जाता है, तो आप तुरंत नेट बैंकिंग या कस्टमर केयर से पुराने कार्ड को ब्लॉक कर सकते हैं और नजदीकी कियोस्क पर जाकर बिना किसी रुकावट के नया कार्ड निकाल सकते हैं।

  • 4. 24x7 कभी भी उपलब्धता: बैंक बंद होने के बाद, सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) या किसी सार्वजनिक अवकाश के दिन भी यह सर्विस पूरी तरह चालू रहती है।

बैंकों और शाखाओं को भी मिलेगी बड़ी राहत

इस सुविधा से न केवल ग्राहकों को सुविधा होगी बल्कि बैंकों का परिचालन खर्च (Operational Cost) भी काफी घटेगा। ब्रांच कर्मचारियों को कूरियर ट्रैकिंग, रिटर्न कार्ड्स का स्टॉक मेंटेन करने और ग्राहकों के केवाईसी फॉर्म छांटने के काम से मुक्ति मिलेगी। बैंक अब अपना ध्यान जटिल वित्तीय उत्पादों और ग्राहक सेवा पर अधिक केंद्रित कर सकेंगे।

शुरुआती चरण में यह सुविधा प्रमुख मेट्रो शहरों, हवाई अड्डों और बड़े जिला मुख्यालयों की डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स (DBU) और 24-घंटे खुले रहने वाले ई-लॉबी सेंटर्स में लगाई जा रही है, जिसे आने वाले समय में टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा।