सैलरी अकाउंट वालों को बड़ा झटका: 1 अक्टूबर से बदल रहा है फ्री ATM ट्रांजैक्शन का नियम, जानिए कितना कटेगा चार्ज
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में सैलरी अकाउंट रखने वाले करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक अहम और जेब पर असर डालने वाला अपडेट सामने आया है। यदि आप भी अपने वेतन खाते के डेबिट कार्ड से अक्सर किसी भी नजदीकी बैंक के एटीएम (ATM) या ऑटोमेटेड डिपॉजिट कम विदड्रॉल मशीन (ADWM) से नकदी निकालते हैं या बैलेंस चेक करते हैं, तो अब आपको हर ट्रांजैक्शन गिनकर करना होगा। स्टेट बैंक ने अपने सभी तरह के सैलरी पैकेज अकाउंट्स (SBI Salary Package Accounts) के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम पर मिलने वाले मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या में 50 प्रतिशत तक की भारी कटौती करने का आधिकारिक ऐलान किया है। यह संशोधित नियम 1 अक्टूबर से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा।
1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है? 10 के बजाय मिलेंगे केवल 5 फ्री ट्रांजैक्शन
वर्तमान व्यवस्था के तहत एसबीआई अपने कॉरपोरेट, सरकारी, रेलवे, रक्षा और पुलिस जैसे विभिन्न सैलरी पैकेज खाताधारकों को दूसरे बैंकों के एटीएम से हर महीने कुल 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन (Free Monthly Transactions) की विशेष सुविधा देता आ रहा है। लेकिन 1 अक्टूबर से इस सीमा को घटाकर प्रति माह केवल 5 फ्री ट्रांजैक्शन कर दिया जाएगा।
इस नए बदलाव की सबसे अहम बात यह है कि यह 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा सभी केंद्रों (मेट्रो और नॉन-मेट्रो दोनों शहरों) के लिए एक समान लागू होगी। यानी चाहे आप दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे महानगरों में हों या किसी छोटे कस्बे या ग्रामीण इलाके में, आपको दूसरे बैंक के एटीएम पर केवल 5 बार ही बिना किसी चार्ज के कार्ड स्वाइप करने का मौका मिलेगा। 5 बार का कोटा खत्म होते ही छठे ट्रांजैक्शन से आपके खाते से निर्धारित सेवा शुल्क कटना शुरू हो जाएगा।
सिर्फ कैश निकालना ही नहीं, बैलेंस चेक करने पर भी कटेगा कोटा
अधिकांश खाताधारक यह मान बैठते हैं कि 'फ्री ट्रांजैक्शन' का मतलब सिर्फ नकदी निकालने (Financial Transaction) से होता है। एसबीआई के नियमों के अनुसार, इस 5 की सीमा में वित्तीय और गैर-वित्तीय (Non-Financial) दोनों प्रकार के लेनदेन गिने जाएंगे।
यदि आप दूसरे बैंक के एटीएम पर जाकर केवल मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं, स्क्रीन पर बैलेंस चेक करते हैं या पिन बदलते हैं, तो उसे भी एक पूरा ट्रांजैक्शन माना जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आपने महीने में 3 बार नकदी निकाली और 2 बार एटीएम पर अपना बैलेंस देखा, तो आपके 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन वहीं समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद उसी महीने में दोबारा कार्ड इस्तेमाल करने पर सीधे पेनाल्टी चार्ज वसूला जाएगा।
लिमिट खत्म होने के बाद जेब पर कितना पड़ेगा बोझ?
यदि आप 1 अक्टूबर के बाद निर्धारित 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार कर लेते हैं, तो दूसरे बैंक के एटीएम से लेनदेन करने पर निम्नलिखित शुल्क चुकाने होंगे:
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कैश निकासी (वित्तीय लेनदेन): प्रति ट्रांजैक्शन ₹23 + 18% GST का चार्ज कटेगा।
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बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट (गैर-वित्तीय लेनदेन): प्रति ट्रांजैक्शन ₹11 + 18% GST का शुल्क लगेगा।
इसका मतलब यह हुआ कि यदि आप सीमा खत्म होने के बाद महीने में महज दो बार भी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं, तो खाते से करीब ₹54 से अधिक की अतिरिक्त कटौती हो जाएगी।
क्या SBI के अपने ATM पर भी कटेगा पैसा?
सैलरी खाताधारकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह नया प्रतिबंध केवल दूसरे बैंकों (जैसे HDFC, ICICI, PNB, BoB आदि) के एटीएम नेटवर्क पर लागू किया गया है।
एसबीआई के अपने एटीएम और एडीडब्ल्यूएम पर सैलरी पैकेज खाताधारकों को पहले की तरह ही राहत मिलती रहेगी। सभी प्रकार के सैलरी पैकेज अकाउंट्स (जिनमें शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट और फैमिली सेविंग्स अकाउंट–एसबीआई रिश्ते भी शामिल हैं) के धारक देश भर के किसी भी एसबीआई एटीएम पर अनलिमिटेड (असीमित) फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, सामान्य बचत खातों (Non-Salary Accounts) के लिए नियम पहले जैसे ही रहेंगे, जहां अन्य बैंकों के एटीएम पर पहले से ही 5 फ्री ट्रांजैक्शन का नियम लागू है।
अतिरिक्त चार्ज से बचने के 4 आसान और स्मार्ट तरीके
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SBI के अपने ATM को दें प्राथमिकता: नकद निकासी के लिए हमेशा भारतीय स्टेट बैंक के नीले रंग वाले एटीएम या एडीडब्ल्यूएम कियोस्क का ही इस्तेमाल करें, जहां सैलरी धारकों के लिए कोई पाबंदी नहीं है।
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एटीएम पर बैलेंस चेक करना बंद करें: खाते में कितने पैसे हैं, यह जानने के लिए दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसके लिए YONO ऐप, व्हाट्सएप बैंकिंग, यूपीआई ऐप या बैंक द्वारा मिलने वाले फ्री एसएमएस अलर्ट का सहारा लें।
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एक बार में जरूरत भर की नकदी निकालें: बार-बार ₹500 या ₹1,000 निकालने के लिए एटीएम जाने के बजाय महीने की शुरुआत में ही पूरे हफ्ते या 15 दिन के जरूरी खर्च का कैश एक साथ विड्रॉ करें।
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डिजिटल पेमेंट और UPI Lite अपनाएं: छोटी-मोटी खरीदारी, ग्रॉसरी या चाय-नाश्ते के लिए नकदी के बजाय सीधे UPI, डेबिट कार्ड स्वाइप या UPI Lite से भुगतान करें ताकि एटीएम जाने की जरूरत ही न्यूनतम हो जाए।